उरई। जिले में नौनिहालों की शिक्षा का बुरा हाल है। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ढीलपोल और भ्रष्टाचार के कारण मास्टर जी आजाद हो गये हैं और कई जगह पर स्कूल खुल तक नही रहे हैं। अगर खुलते भी है तो केवल औपचारिकता के लिए। बार-बार खबरें छपने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नही हो रहा है।
जिले में बेसिक शिक्षा का हाल बिना राजा की फौज जैसा हो गया है। जिसके कारण बच्चों की बुनियाद ही खोखली होती नजर आने लगी है। निगरानी के लिए बेसिक शिक्षाधिकारी से लेकर खंड शिक्षाधिकारी तक अच्छा खासा अमला है। पर विभाग के अधिकारी ही जब शिक्षकों को डयूटी से नदारत रहने का मंत्र सिखाने लगें तो स्थिति कैसे ठीक हो सकती है।
महेबा ब्लाक के मड़ैया स्थित प्राथमिक विद्यालय की दशा इस मामले में एक नजीर है। इस विद्यालय की प्रधानाध्यापिका वंदना देवी हफ्ते भर में कुछ ही दिन आती हैं। हालांकि वेतन पूरा उठा लेती हैं। उन्होंने स्कूल जिन सहायक शिक्षक के भरोसे छोड़ रखा हैं वे 1 बजे तक ही उक्ता जाते हैं और स्कूल में ताला लगाकर चल पड़ते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस बारे में खंड शिक्षाधिकारी को अवगत कराया जा चुका है लेकिन उन्होंने शिकायतों पर कोई ध्यान नही दिया।

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