उरई। जालौन टाइम्स में रेलवे स्टेशन के नाकारा पूंछतांछ केंद्र की खबर छपने के बाद मंडल कार्यालय हरकत में आ गया है। मैनुअल पूंछतांछ केंद्र की खामियों को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर हाईटैक फेस-टू-फेस इंक्वायरी सिस्टम की व्यवस्था की जा रही है। दावा है कि इस सिस्टम से पूंछतांछ की पूरी तरह बेहतर सुविधाओं का लाभ मुसाफिरों को दिया जा सकेगा।
स्थानीय रेलवे स्टेशन पर पूंछतांछ केंद्र की व्यवस्था तो काफी समय से है लेकिन इसमें जिन कर्मचारियों की डयूटी लगती है उनके मक्कार रवैये के कारण मुसाफिर ट्रेनों के आने-जाने का सही पता लगाने के लिए भटकते रहते हैं। स्टेशन अधीक्षक इस मामले में उनकी कोई मदद करने की बजाय पूंछतांछ वाले कही चले गये होगें कहकर काम चलाते रहे हैं।
जन प्रतिनिधियों ने इस आलम के चलते शोपीस बनकर रह गये पूंछतांछ केंद्र के बारे में रेलवे में उच्च स्तर पर आवाज उठाने की जहमत नही फरमाई। जिससे मंडल कार्यालय कर्मचारियों की कारगुजारी से नावाकिफ था। लेकिन जब जालौन टाइम्स में इस बारे में खबर छपी तो मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय ने इसे बेहद गंभीरता से लिया।
नतीजा है कि अब वैकल्पिक इंतजाम पर विचार किया गया है। इसके तहत फरवरी के अंत तक टिकट खिड़की के बगल में पूंछतांछ केंद्र में ही फेस-टू-फेस इंक्वायरी सिस्टम लगाये जाने का निर्णय लिया गया है। इस सिस्टम के लग जाने के बाद गाड़ियों की जानकारी के लिए मुसाफिरों को न तो बोर्ड देखने की जरूरत पड़ेगी और न ही पूंछतांछ कर्मचारी का इंतजार करना पड़ेगा। सिस्टम उन्हें आने-जाने वाली गाड़ियों की जानकारी स्वयमेव उपलब्ध करा देगा।






Leave a comment