उरई। मार्च का महीना शुरू होते ही जल स्तर के कारण पेयजल और सिचाई का संकट गहरा गया है। निजी बोरिंग से पानी की निकासी बंद हो जाने के कारण पकने के लिए तैयार फसलें असमय सूखकर बर्बादी की कगार पर नजर आ रही हैं।
इस बार जल संकट की शुरूआत मार्च के महीने से ही शुरू हो गई है। लगातार जल स्तर गिरने के कारण किसानों के खेतों में निजी बोरिंगों से पानी मिलना बंद हो गया है। जिसके कारण गेंहूं की अंतिम सिचाई नही हो पा रही है।
उधर जो किसान खेत पर बिजली का कनेक्शन लेकर समरसेविल लगायें हैं। उनके द्वारा छोटे किसानों से सिचाई के लिए मनमाना पैसा मांगा जा रहा है। इस शोषण से छोटे किसान बेहद परेशान हैं। सिचाई के संकट के साथ-साथ हैंडपंपों का चलना बंद होने के कारण पेयजल का संकट भी गहरा गया है।

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