उरई। अधिकारियों की अकर्मण्यता और व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते बेसिक शिक्षा विभाग में बिना राजा की फौज जैसा काम हो रहा है। इसकी मिसाल बेसिक शिक्षाधिकारी के आदेश के बाद निलंबित शिक्षिका द्वारा अपने प्रतिस्थानी को चार्ज न देने की जिद से सामने आई।
यह मामला जालौन बेसिक शिक्षा खंड के भदवां गांव की प्राथमिक पाठशाला में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के रूप में तैनात रहीं कमलेश कुमारी का है। जिनके बेलगाम रवैये की वजह से एक बच्चा नवोदय प्रवेश परीक्षा में शामिल नही हो पाया था। उसके पिता रविंद्र मोहन ने जब इसकी शिकायत की तो जांच में मामला सही करार देकर जालौन के खंड शिक्षाधिकारी ने कमलेश कुमारी के निलंबन की संस्तुति बीएसए को भेज दी।
बीएसए फरवरी के महीने में ही कमलेश कुमारी को निलंबित कर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ऊद में सहायक अध्यापिका के मूल पद पर उन्हें तैनात करने का आदेश जारी कर चुके हैं। इस क्रम में जालौन के खंड शिक्षाधिकारी ने भदवां में नये शिक्षक की नियुक्ति भी कर दी है। लेकिन कमलेश कुमारी उनके आदेश को मानने को तैयार नही हैं। उन्होंने न तो नये प्रधानाध्यापक को अपना चार्ज सौंपा है और न ही अपने कमरे का लाक खोला है। उनका साफ कहना है कि इस मामले में उन्हें किसी का आदेश मंजूर नही है। लोग विभाग में चल रहे इस अजीब रवैये को लेकर अधिकारियों की क्षमता पर उंगलियां उठा रहे हैं।




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