उरई। भारतीय जनता पार्टी को कुठौंद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिये सपा की ब्लाक प्रमुख को अपदस्थ कराने में तो सफलता मिल गई लेकिन इस कुर्सी पर अपना कब्जा जमाना उसे टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। प्रत्याशी की घोषणा के बाद भड़की बगावत ने भाजपा के रणनीतिकारों के पेशानी पर बल ला दिया है। दूसरी ओर हार का बदला लेने के लिए सपा की अपदस्थ ब्लाक प्रमुख की देवरानी भी पूरी तरह कमर कसकर मैदान में उतरी हैं। इस घमासान के चलते वहां एक बार फिर सत्तारूढ़ पार्टी की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है।
कुठौंद में ब्लाक प्रमुखी के तख्ता पलट के पहले चरण में भाजपा को कामयाबी मिल गई थी। जब वरिष्ठ सपा नेता श्याम यादव की पत्नी पुष्पा यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भारी कशमकश के बावजूद पारित हो गया था। लेकिन निर्णायक सफलता के लिए भाजपा को अभी इसके उपचुनाव की लड़ाई जीतना बाकी है।
प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में ही भाजपा के अंदर रस्साकशी के हालात सामने आ गये थे। सूत्रों के अनुसार पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा नामित प्रभारी पर्वत सिंह यादव सिरसाकलार क्षेत्र के सक्रिय कार्यकर्ता प्रेमनारायण उर्फ चुखर सोनी की पत्नी अनुसुइया सोनी को टिकट के लिए भरोसा दे चुके थे लेकिन इसमें जिलाध्यक्ष व विधायक आड़े आ गये। जिससे नीलम यादव के नाम पर मुहर लग गई। यह फैसला प्रेमनारायण सोनी को मंजूर नही हुआ और बगावत करते हुए उन्होंने मंगलवार को अपनी पत्नी अनुसुइया सोनी के लिए पर्चा खरीद लिया था। इससे पार्टी में कल से आज तक खलबली मची रही। लेकिन उन्हें पर्चा दाखिल करने से रोकने में पार्टी दिग्गजों को कामयाबी नही मिल पाई।
कठिन संघर्ष के आसार बन जाने से जहां भाजपा के कर्णधार परेशान हैं वहीं क्षेत्र पंचायत सदस्यों में खुशी की लहर देखी जा रही है। सूत्र बताते हैं कि उनका समर्थन हासिल करने के लिए बोली लगना शुरू हो गई है और वे यही चाहते थे। जिसके कारण जब भाजपा में निर्विरोध ब्लाक प्रमुख पदासीन कराने का मंथन चल रहा था तब उनका दिल धड़क रहा था और वे ऊपर वाले से दुआ मांग रहे थे कि ऐसा न हो। आखिरकार चुनाव की स्थिति बन जाने से उनकी मुराद पूरी हो गई है।
इस बीच कुठौंद के विकास खंड कार्यालय में रिटर्निंग आफीसर जालौन के उप जिलाधिकारी भैरपाल सिंह के सामने भाजपा प्रत्याशी नीलम यादव, सपा नेता श्याम यादव की अनुज वधू नीरज यादव और अनुसुइया सोनी के पर्चे पूरे तामझाम के साथ दाखिल हुए।

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