उरई। सांसद भानु प्रताप वर्मा की अध्यक्षता में हर तीन महीने में होने वाली जिला विकास समन्वय निगरानी समिति की बैठक 9 महीने बाद शनिवार को आयोजित हुई। जिसमें जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर सहित सभी प्रमुख अधिकारी और विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों के निरंकुश रवैये और लचर प्रशासन की स्थिति सामने आई।
जिला विकास समन्वय निगरानी समिति जनपद स्तर पर सबसे प्रभावशाली समीक्षा फोरम है। जिसे लेकर अधिकारियों का उपेक्षापूर्ण रवैया उजागर हुआ जो स्तब्ध करने वाला है। इस समिति में जनपद के सभी विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख और स्थानीय निकायों के अध्यक्ष सदस्य होते हैं।
बैठक में मुख्य रूप से सड़कों का मुददा छाया रहा। पिछली बैठक 24 जून को हुई थी जिसमें कालपी के विधायक नरेंद्र पाल सिंह जादौन ने प्रस्ताव किया था कि हर सड़क पर जहां से उसका निर्माण शुरू होता है उसकी लागत, कार्य आरंभ की तिथि और कार्य पूर्णतः के समय को प्रदर्शित करते हुए बोर्ड लगाया जायेगा। लेकिन लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने इस पर अमल की कोई जरूरत नही समझी।
इसी तरह हरदोई गूजर-धंतौली सड़क के घटिया निर्माण की जांच के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय समिति ने लीपापोती करने वाली रिपोर्ट पेश कर दी। समिति की इस हिमाकत से बौखलाए सांसद और विधायकों ने इसे अस्वीकार करते हुए दोबारा जांच कराने के निर्देश दिये। पड़री-कोंच सड़क के किनारे-किनारे नाली निर्माण न होने से जल भराव के कारण हो रहे सड़क के निर्माण को देखते हुए पिछली बैठक में इसे रोकने के बंदोबस्त के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था। पर लोक निर्माण विभाग ने इस मामले में भी सदन की मंशा को एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल दिया। अधिशाषी अभियंता ने सफाई दी कि जल निकासी के लिए पाइप डलवा दिये गये हैं जबकि जन प्रतिनिधियों ने आक्रोश प्रकट करते हुए कहा कि इसका कोई मतलब नही है और सदन को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। अंततोगत्वा जिलाधिकारी ने कहा कि नाली बनाने का इस्टीमेट बनकार कार्य कराया जाये तांकि सड़क की वास्तविक रूप से सुरक्षा रह सके।
कालपी की टरननगंज मोड़ सड़क की खराब गुणवत्ता को लेकर पिछली बैठक में नरेंद्र पाल सिंह जादौन ने मुददा उठाया था लेकिन न तो इसकी अभी तक जांच कराई गई और न ही खराबी दूर की गई। विधायक ने इस पर नाराजगी जताई। समिति की अवहेलना की इंतहा उस समय सामने आई जब पिछली बैठक में लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता से कहा गया था कि वे नेशनल क्वालिटी मोनीटर की रिपोर्ट सांसद को उपलब्ध करायेगें लेकिन उन्होंने आज तक रिपोर्ट देने की जहमत नही उठाई है।
मसूदपुरा-गिधवासा मार्ग पर पेचवर्क भरवाने का प्रस्ताव पिछली बैठक में पारित हुआ था लेकिन अधिशाषी अभियंता इस बैठक में खानापूर्ति करके ओके रिपोर्ट ले आये। खुद सांसद भानु प्रताप वर्मा ने कहा कि कहीं पेचवर्क नही हुआ है झूठी रिपोर्ट देना दुस्साहस है। अधिशाषी अभियंता ने रोना रोया कि ठेकेदार छोटे काम करने के लिए आगे नही आते। जन प्रतिनिधियों ने कहा कि बड़ा काम करने वाले ठेकेदारों से कहा जाये कि उन्हें छोटे भी काम करने पड़ेगें। विधान परिषद सदस्य स्वतंत्र देव सिंह के प्रतिनिधि अरविंद सिंह चैहान ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत उन सड़कों को शामिल किया जा रहा है जो पहले से ही अच्छी बनी हैं। इसमें भ्रष्टाचार की बू आती है।
माधौगढ़ के विधायक मूलचंद निरंजन ने दूर संचार विभाग के खिलाफ मामला उठाया। पता चला कि जिला दूर संचार प्रबंधक ने बैठक में आने की कोई जरूरत ही नही समझी है। इससे सांसद का पारा चढ़ गया। बताया गया कि टेलीफोन केबिलें सड़क से पांच मीटर की सीमा के अंदर बिछाई जानी चाहिए जबकि दूर संचार के ठेकेदार सड़क के किनारे ही खुदाई करके केबिल डाल रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता ने भी दूर संचार विभाग के इस रवैये पर आपत्ति प्रकट की। उन्होंने कहा कि इसे रोकने के लिए टीडीएम को लिखकर भेजा गया लेकिन फिर भी सुधार नही हुआ। सांसद ने डीएम को निर्देशित किया कि वे टीडीएम से बात करके सही तरीके से काम करायें। सड़क के किनारे लगाये जा रहे बिजली बाक्स के कारण यातायात प्रभावित होने की शिकायत पर भी सांसद ने इसमें सुधार का निर्देश दिया।
राष्ट्रीय जलागम विभाग की भी खिचाई हुई। उन पर आरोप रहा कि जन प्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना उनके द्वारा कार्य कराये जाते हैं तांकि मनमानी हो सके। प्रत्येक ब्लाक में लड़कियों के लिए कस्तूरबा आवासीय विद्यालय स्थापित करने को लेकर बताया गया कि माधौगढ़ और कुठौंद में अभी तक आवासीय विद्यालय स्थापित नही हो पाये हैं। जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे शासन को पत्र लिखकर उक्त ब्लाकों में भी कस्तूरबा आवासीय विद्यालय स्थापित करायें।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में अधिक से अधिक लोगों का लाभांवित करने के लिए कहा गया। वृद्धावस्था पेंशन को आनलाइन करने में आ रही रुकावट के मददेनजर समाज कल्याण विभाग से कैंप लगाकर इसकी खामिया दूर करने के लिए कहा गया। कालपी में कांशीराम कालोनी की खराब गुणवत्ता पर भी चर्चा हुई।

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