सिरसाकलार-उरई। मिसुरपुरा से सींगेपुर तक सड़क निर्माण का बहुचर्चित कार्य आखिर शरू हो गया है। लेकिन कार्य की गुणवत्ता खराब होने से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के अभियंता पूरा बजट न मिलने की आड़ में इस पर लीपापोती की कोशिश कर रहे हैं।
ढाई किलोमीटर लंबी उक्त सड़क के लिए दो करोड़ रुपये से अधिक का इस्टीमेट बनाया गया है। लोगों का कहना है कि न तो इसमें मेटेरियल सही इस्तेमाल हो रहा है और न ही सही तरीके से इसकी तराई की जा रही है।
इस बारे में जब क्षेत्रीय अवर अभियंता कमलेश से पूंछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक केवल 90 लाख रुपये का बजट निर्गत किया गया है। जैसे-जैसे बजट मिलता जायेगा वैसे-वैसे काम में तेजी आती जायेगी। उन्होंने ठीक से तराई न होने की शिकायत को भी यह कहकर झुठला दिया कि टैंकर से बराबर तराई की जा रही है। कम तराई की बात केवल भ्रम है।






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