सिरसाकलार-उरई। प्रशासन का असंवेदनशील रवैया गर्मी बढ़ने के साथ-साथ जनमानस पर भारी पड़ने लगा है। क्षेत्र में सबसे ज्यादा समस्या पेयजल संकट की है। जिससे राहत देने की तत्परता प्रशासन नही दिखा रहा। अगर इस पर अंकुश नही लगाया जाता तो आने वाले दिनों में यह समस्या विकराल रूप धारण कर लेगी।
क्षेत्र में अभी से हैंडपंप ठप्प होने शुरू हो गये हैं। साथ ही कुओं का भी पानी उतरने लगा है। जीवन के लिए सबसे संकटपूर्ण स्थिति मानी जाने के बावजूद अधिकारी गहराती पेयजल समस्या को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। महेबा ब्लाक की अटरा खुर्द ग्राम पंचायत के मजरा सींगेपुर में अभी से पानी को लेकर हाहाकार मचना शुरू हो गया है। गांव में 18 सार्वजनिक हैंडपंप लगे हैं। जिनमें से 10 जबाव दे चुके हैं। चार कूंप हैं जिनमें से तीन खराब हो गये हैं। इसके चलते पानी दे रहे हैंडपंप पर सबेरे से ही लाइन लगनी शुरू हो जाती है। जल्दबाजी के चक्कर में लोगों में झगड़े भी बढ़ रहे हैं।
विवेक, लालू, राजबाबू, सियादेवी, संजना, संदीप आदि ग्रामीणों ने कहा कि अभी जब गांव बेहाल है तो गर्मी बढ़ने पर क्या होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। अधिकारियों को बार-बार सूचना दी जा रही है लेकिन फिर भी वे हैंडपंप दुरुस्त कराने के लिए सक्रियता नही दिखा रहे हैं।

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