कालपी-उरई। बेतवा नदी के तटीय इलाकों में बालू खनन की हकीकत को परखने के लिए बुधवार को राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने घूम-घूम कर निरीक्षण किया तथा जिम्मेदारों का आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
विदित हो कि कालपी तहसील में बेतवा और यमुना में होने वाला बालू खनन का कारोबार सुर्खियों में छाया रहता है। बीते डेढ़ वर्ष से खनन के कारोबार पर रोक लगी हुई थी। इसी सप्ताह बड़ी-बड़ी कंपनियों को बेतवा की खदानों के ठेके आवंटित किये गये हैं। जिसके बाद तीन दिन पहले भेड़ी घाट में खनन के कारोबार का संचालन शुरू हो गया।
इसी के मददेनजर कालपी के उप जिलाधिकारी सतीश चंद्र, पुलिस क्षेत्राधिकारी सुबोध गौतम और नायब तहसीलदार हरप्रसाद के नेतृत्व में बेतवा नदी के खनन क्षेत्रों का निरीक्षण प्रशासन की टीम ने किया। टीम ने भेड़ी, पत्थरहटा, हिमनपुरा, बसरेही आदि में नदी के किनारे घूम-घूम कर निरीक्षण किया।
किसी भी सूरत में अवैध खनन न होने देने के लिए शासन की मंशा को देखते हुए प्रशासन मुस्तैद है और इसे सुनिश्चित करने को जबर्दस्त नाकाबंदी की गई है। उप जिलाधिकारी ने पुलिस, कानूनगो तथा लेखपालों को खनन के कारोबार पूरी निगरानी रखने की हिदायत दी।
उधर ठेके की शर्तों को ध्यान में रखकर ट्रकों को ओवर लोड न भरने देने के लिए कंपनियों ने घाटों पर अपनी ओर से भी पुख्ता इंतजाम किये हैं। इंटरनेट के माध्यम से खदान के प्वाइंट स्थल पर ही रायल्टी प्रपत्र निकालकर वाहन आपरेटरों को उपलब्ध कराये जा रहे हैं। गाड़ियों की निगरानी के लिए कई जगह सीसी टीवी कैमरे भी लगाये जा रहे हैं।






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