कालपी-उरई। बेसिक शिक्षा में गुणवत्ता और विविधिता बढ़ाने के लिए शिक्षकों को लगातार नये प्रशिक्षण दिये जा रहे हैं। बुधवार को नगर के मोहल्ला हरीगंज बाइपास चैराहा स्थित ब्लाक संसाधन केंद्र में महेबा ब्लाक के शिक्षकों के लिए संचार एवं नेतृत्व कौशल विकास पाठय चर्चा आयोजित की गई।
भले ही शिक्षा के क्षेत्र में विद्यालय खुलने और शिक्षकों के पहुंचने का असली काम सुनिश्चित करने पर बेसिक शिक्षा प्रशासन का कोई ध्यान न हो लेकिन शिक्षक प्रशिक्षण जैसे कर्मकांडों की पूर्ति में विभाग पीछे नही रहता तांकि इन मदों के बजट को खर्च करने में कोई कसर न रह पाये।
इसी क्रम में आयोजित उक्त प्रशिक्षण शिविर में मुख्य प्रशिक्षक बद्री झा ने कहा कि पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए बचे हुए भोजन को छोड़ने से परहेज करें। उन्होंने कहा कि भोजन की गंदगी फेकने से प्रदूषण फैलता है जो लोगों में बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने पर्यावरण को मनोरम और स्वच्छ व शुद्ध बनाने के लिए वृक्षारोपण पर जोर दिया। शिक्षकों से कहा कि वे इस बारे में बच्चों को अच्छी नसीहत दें।
इस दौरान संदर्भ दाता भूपेंद्र कुमार, इरफान अली, अली हाशमी, योगेंद्र त्रिपाठी, राममूर्ति मिश्रा, जितेंद्र श्रीवास्तव, बृजेंद्र कुमार और हरी शंकर झा ने कहा कि विद्यालयों में संचार माध्यम से बच्चों की क्षमता एवं उनमें कौशल का विकास किया जाना है। संरक्षण एवं पोषण विकास प्रक्रिया को गहराई से छात्र-छात्राओं तक पहुंचाना प्रशिक्षण का उददेश्य है। संदर्भ दाताओं ने छात्र-छात्राओं में आत्म विश्वास पैदा करने के लिए भी शिक्षकों को टिप्स दिये। उन्होंने कहा कि बच्चों की दूरदर्शिता, बातचीत और आवाज आदि के बारे में ध्यान दें। इस अवसर पर प्राथमिक विद्यालय के 118 और पूर्व. माध्यमिक विद्यालय के 60 शिक्षक उपस्थित रहे।
देखने वाली बात यह है कि शिक्षकों को पढ़ाने में बजट खर्च करने का क्या सार निकलेगा जब विभाग को स्कूल जाने के बारे में उनकी लगाम कसने में कोई रुचि न हो।






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