उरई। सात महीने पहले हुए लोडर चोरी के मामले में पुलिस की ढीलपोल से नाराज पीड़ित परिवार और उसके साथ कई अन्य लोग बुधवार को कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठ गये। उन्होंने पुलिस पर चोर गिरोह से सांठगांठ कर उसे बचाने का आरोप लगाया।
मोहल्ला इंदिरा नगर निवासी पंकज अवस्थी ड्राइवर हैं। उन्होंने अपने खुद का एक लोडर खरीदा था तांकि उसे चलाकर सुचारू तरीके से अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें। यह लोडर गत वर्ष 22 अगस्त को चोरी कर लिया गया। जिसकी बमुश्किल रिपोर्ट लिखी गई। 4 नवंबर 2017 को इस मामले में कुछ लोगों को तब पकड़ा गया जब आटा टोल टैक्स के सीसीटीवी कैमरों को फुटेज आदि के जरिये खुद पीड़ित ने छानबीन में मशक्कत की लेकिन दो दिन बाद ही इन आरोपियों को छोड़ दिया गया। इसके विरोध में जब पकंज और उनकी पत्नी प्रतिभा ने कलेक्ट्रेट में धरना दे दिया तो पुलिस मजबूरी में फिर हरकत में आ गई। इस मामले में राजेंद्र कुमार यादव व रोहित कुमार यादव पकड़े गये। जिन्होंने कुल 6 नाम बताये और कहा कि उन्होंने लोडर के टुकड़े-टुकड़े करके बेच दिये हैं। इसे लेकर राजेंद्र कुमार नाम के एक कबाड़ी को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने इसके बाद फिर से चुप्पी साध ली न तो आज तक लोडर का इंजन बरामद हुआ है और न ही चार अन्य फरार आरोपी। पंकज अवस्थी का कहना है कि पुलिस केस कमजोर कर रही है। लोडर का इंजन बरामद न होने से गिरफ्तार आरोपी भी छूट जाने की आशंका है। उन्होंने कहा कि उनकी सारी जमा पूंजी लोडर खरीदने में चली गई। पूरा परिवार भुखमरी की हालत मे है फिर भी पुलिस उनके मामले में गलत रवैया अपना रही है। धरने में कई बच्चे भी शामिल हैं जिससे पुलिस की जमकर थू-थू हो रही है।





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