उरई। थाने के अंदर युवक की बर्बर पिटाई के वीडियो वायरल होने के बाद निलंबित किये गये दरोगा व सिपाही के पक्ष में सभासदों का एक ग्रुप सामने आ जाने से मामले ने नाटकीय मोड़ ले लिया है।
उक्त प्रकरण की गूंज देश के सारे टीवी चैनलों पर हुई थी। जिसके कारण डीजीपी तक को जबाव देना मुश्किल हो गया था। इस कारण पुलिस अधीक्षक ने डैमेज कंट्रोल के तहत आरोपित सब इंस्पैक्टर शफीक अहमद और उसके साथ एक सिपाही को तात्कालिक कार्रवाई में निलंबित कर दिया था।
गुरुवार को नगर के सभासदों व कुछ अन्य लोगों ने उप जिलाधिकारी सतीश चंद्र तथा क्षेत्राधिकारी सुबोध गौतम को ज्ञापन देते हुए कहा कि दोनों का निलंबन गलत ढंग से किया गया इसलिए निलंबन आदेश निरस्त किया जाये।
ज्ञापन देने वालों में शामिल मो. अहमद एडवोकेट, कल्लू मस्तान, प्रकाश माथुर, इमरान उर्फ पिंटू आदि ने कहा कि कालपी कोतवाली की महमूदपुरा चैकी के इंचार्ज शफीक अहमद ने कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए अपना दायित्व ईमानदारी से निभाया है। उन्होंने साम्प्रदायिक सौहार्द बनाये रखने के लिए आगे रहकर प्रयास किये। उनके ट्रेक रिकार्ड को देखते हुए उनका निलंबन आदेश बेजा है।
ज्ञापन देने वालों ने उप निरीक्षक के खिलाफ वायरल किया गया वीडियो साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे निष्पक्ष करने वाले पुलिस कर्मियों का मनोबल गिरेगा इसलिए निलंबन आदेश निरस्त करने की जरूरत है।





Leave a comment