उरई। ई-रिक्शा चालकों ने पुलिस ज्यादती के विरोध में कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करते हुए हंगामा किया और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इसमें कोतवाली में पदस्थ दरोगा मुकेश के निलंबन की मांग की गई। आरोप लगाया गया कि तानाशाही के तहत उन्होंने ई-रिक्शा चालक यूनियन के अध्यक्ष रवि वर्मा की बर्बर पिटाई की और शांति भंग की आशंका में उनका चालान कर दिया गया।
पुलिस का दमनात्मक रवैया बढ़ता जा रहा है। कालपी में जानवरों की तरह एक युवक की पिटाई के मामले में दरोगा के निलंबन के बाद भी वर्दी के नशे मे चूर पुलिस कर्मियों ने कोई सबक नही सीखा है।
बुधवार की शाम भगत सिंह चैराहे पर ट्रैफिक के एक सिपाही ने छोटू नामक ई-रिक्शा चालक को अकारण ही बाल पकड़ कर पीट दिया। जब उसने रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष रवि वर्मा को अपने साथ हुई इस ज्यादती की जानकारी दी तो रवि वर्मा मौके पर आ गये और उन्होंने कोतवाली में जाकर इसकी शिकायत की जहां दरोगा मुकेश मौजूद थे। दरोगा मुकेश रवि वर्मा की शिकायत पर भड़क गया और थाने में आगंतुकों के साथ सम्मानपूर्ण व्यवहार करने की उच्चाधिकारियों की हिदायत भूलकर रवि पर पिल पड़ा। उसने रवि को तबियत से मारा और रात भर बंद रखने के बाद में सुबह शांति भंग की आशंका में उसका चालान सिटी मजिस्ट्रेट के यहां भेज दिया।
खबर पाकर दर्जनों ई-रिक्शा चालकों का जमावड़ा कलेक्ट्रेट में हो गया। इनमें संजय सिंह जादौन, अनूप शर्मा, विजय सिंह राठौर, सानू, शरीफ मंसूरी, जावेद मंसूरी आदि शामिल थे। ई-रिक्शा चालक काफी देर तक पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
गौरतलब है कि दरोगा मुकेश के खिलाफ अभद्रता करने की शिकायते इसके पहले भी कई बार आ चुकी हैं। लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से वह अपनी हरकतों से बाज आने को तैयार नही है। अगर अधिकारियों ने उसका हौसला बढ़ाना जारी रखा तो किसी दिन गंभीर अप्रिय घटना हो सकती है।





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