उरई। आटा क्षेत्र के चमारी गांव में पेयजल संकट गहराने से हाहाकार मच उठा है। गांव के सभी कुएं सूख चुके हैं। हैण्डपंपों में पानी काफी नीचे उतर गया है। लोग जैसे-तैसे गुजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि अभी यह हाल है तो गर्मी बढ़ने पर संकट कितना भीषण हो सकता है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
पूर्व प्रधान रविंद्र दुबे ने बताया कि राजकुमार द्विवेदी की घर के सामने और रविंद्र मिश्रा व सटकोरे अहिरवार के घर के पास पुराने कुएं हैं जों आज तक कभी नही सूखे थे। पहली बार इन कुओं मे भी तलहटी से धूल उठने लगी है। प्रधान सीमा देवी ने भी भूमिगत जल भण्डार रीतने जैसे हालातों की पुष्टि की। उन्होनें बताया कि लगभग 40 हैण्डपंप रीबोर के लिए प्रस्तावित हो चुके हैं। हर रोज कोई न कोई नया हैण्डपंप ठप्प हो जाता है। लोगों ने निजी हैण्डपंप लगवा लिए थे जिससे गाड़ी खीचीं जा रही है।
हर हैण्डपंप के सामने एक अनार सौ बीमार की हालत है। उनसे बूंद-बूंद पानी निकलता है। जिससे एक बाल्टी पानी भी घंटे भर में भर पाता है। भारी भीड़ के कारण आपस में कहासुनी तो आम बात है, उठापटक तक की नौबत आ जाती है। मई-जून के महीने में इन हालातों के कारण होने वाली स्थिति को लेकर लोग विचलित हैं। गांव के उजाड़ हो जाने जैसी आशंकाएं जाहिर की जाने लगी हैं।

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