उरई। कालपी के विधायक नरेंद्र पाल सिंह जादौन के आग्रह पर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने 13 अप्रैल को उनके निर्वाचन क्षेत्र के मगरौल गांव में बनाये गये पुलिस ट्रैनिंग स्कूल के उदघाटन को हरी झंडी दे दी थी। लेकिन आज जब मंडलायुक्त कुमुदलता श्रीवास्तव, रेंज डीआईजी जवाहर व जिले के अधिकारियों को लेकर निरीक्षण के लिए मगरौल पहुंची तो उन्हें व्यवस्थाएं आधी-अधूरी मिलीं। पुलिस ट्रैनिंग स्कूल में बैरकों के निर्माण के लिए चार करोड़ रुपये का बजट अभी आना है। इसके अलावा चाहरदीवारी भी नही बनी है, न परेड ग्राउंड तैयार हुआ है। कार्यदायी संस्था के अभियंताओं के अनुसार ट्रैनिंग सेंटर को कंपलीट होने में अभी कम से कम चार महीने का समय और चाहिए। इसके मददेनजर आशंका प्रकट की जा रही है कि 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री का दौरा अब टाला जायेगा।
मंडलायुक्त के साथ डीआईजी झांसी जवाहर, डीएम जालौन डा. मन्नान अख्तर, एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह के अलावा क्षेत्रीय विधायक नरेंद्र पाल सिंह जादौन भी थे। इन्होंने मीडिया से दूरी बनाये रखते हुए लगभग 40 मिनट तक आपस में गहन विचार-विमर्श किया। इसके बाद उनके चेहरों पर मायूसी देखी गई।
मालूम रहे कि उक्त पुलिस ट्रैनिंग स्कूल के निर्माण के लिए 226 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। पुलिस आवास निगम के अधिशाषी अभियंता संजीव सक्सेना ने मंडलायुक्त को पूरी स्थिति ब्रीफ की। उन्होंने बताया कि अभी पूरा बजट मुक्त नही हुआ है। निरीक्षण के दौरान परेड ग्राउंड के प्रस्तावित स्थल पर उबड़-खाबड़ देखकर अधिकारी हतप्रभ रह गये। मंडलायुक्त ने कार्यदायी संस्था के अधिशाषी अभियंता से वार्ता के दौरान मीडिया को बाहर कर दिया। जिससे मीडिया कर्मियों में नाराजगी देखी गई।
बाद में पुलिस आवास निगम के अवर अभियंता ज्ञान प्रकाश ने बताया कि निर्माणाधीन स्कूल में 850 जवानों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था है। 100-100 जवानों की आधुनिक बैरके बन रही हैं जो शौचालय, बाथरूम तथा अन्य सुविधाओं से सुसज्जित होगीं। विशालकाय शस्त्र रूम, कांफ्रेंस हाल, महिला कल्याण केंद्र, गेस्ट हाउस, क्वार्टर गार्ड, मनोरंजन कक्ष, अधिकारियों और कर्मचारियों के आधुनिक आवास, शानदार विद्युत व्यवस्था, 12 मीटर चैड़ी सुंदर सड़क और केंद्र की खाली जगह पर भव्य फुलवारी, फायर रेंज आदि का निर्माण हो रहा है।
उधर मगरौल से जिला मुख्यालय लौटने के बाद अधिकारी के राजकीय इंटर कालेज मैदान में पहुंचे। इस मैदान का भी उन्होंने बारीकी से निरीक्षण किया। अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर पुलिस ट्रैनिंग स्कूल का उदघाटन न हो सका तो मुख्यमंत्री 13 अप्रैल को इस मैदान में जनसभा को संबोधित कर सकते हैं। बाद में जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने बैठक भी की जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा संभावित उदघाटन और शिलान्यास के पत्थर संबंधित विभागों से तैयार करवा लेने को कहा। यह भी कहा कि 13 अपै्रल तक जिले के किसी अधिकारी को न तो अवकाश मिलेगा और न ही उसे जिला मुख्यालय छोड़ने की इजाजत होगी।
उधर बैठक में अनुपस्थित रहे जिला पूर्ति अधिकारी वीके शुक्ला का एक दिन का वेतन काटने का आदेश जिलाधिकारी ने जारी कर दिया है।







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