उरई। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के कारण सुकुमार अफसरशाही को अचानक इस बड़ी गर्मी में इतनी मेहनत करनी पड़ रही है कि मानवीय करुणा का सैलाब जनमानस में इसे देखकर उमड़ पड़ा है।
वन-डिस्ट्रिक-वन-प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना होते हुए भी जिले में अभी तक किसी ने भटा के भाव नही पूंछा था। लेकिन अब प्रशासन हर मोर्चे पर चकरघिन्नी है जिसमें कालपी का हाथ कागज उद्योग भी अछूता नही रह गया है।
मुख्यमंत्री के प्रति पूरे सेवा भाव को दिखाते हुए आनन-फानन प्रशासन ने कालपी के रायल गार्डन में हाथ कागज पर व्यापक विमर्श आयोजित कर डाला। जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने एक घंटे के अपने वृहद संबोधन में हाथ कागज उद्यमियों को कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिये। उन्होंने कहा कि हाथ कागज का उपयोग पूरे विश्व में होता है बस जरूरत इस बात की है कि कालपी के हैंडमेट पेपर की ब्रांडिंग इतनी अच्छी हो कि गूगल में इस नाम पर सर्च में जाते ही कालपी में बनने वाले समस्त प्रकार के कागज स्क्रीन पर दिखाई देने लगें जिनमें प्रत्येक प्रोडक्ट के रेट लिखे हों। अगर यह हो जाये तो यहां के हाथ कागज उद्यमियों को आन लाइन आर्डर मिलने का तांता लग जायेगा।
कार्यक्रम में विधायक कालपी नरेंद्र पाल सिंह जादौन ने भी भाषण दिया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा 13 अप्रैल को कालपी में हाथ कागज ट्रीटमेंट प्लांट का शिलान्यास संभावित है। इसके अलावा हाथ कागज उद्योग को विद्युत दरों में भी 50 प्रतिशत छूट की घोषणा हो सकती है।
उत्तर प्रदेश खादी कमीशन के निदेशक आरएस पांडेय ने बताया कि कालपी के हाथ कागज के लिए आरडीजी क्लस्टर योजना भगवान दास सेवा संस्थान में प्रारंभ कर दी गई है जिसमें हाथ कागज उद्यमी नई-नई तकनीक की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना के संचालन हेतु खादी कमीशन को तीन करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है।
कालपी के हाथ कागज उद्योग की शोहरत को पूरे देश में बुलंदियों पर पहुंचाने वाले विजय गांधी ने कागज उद्यमियों की समस्याओं का बहुत गहराई से प्रस्तुतिकरण कर जमकर तालियां बटोरी। भगवान दास ग्राम उद्योग सेवा संस्थान के सचिव रमेश चंद्र गुप्ता ने क्लस्टर योजना की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों का माल्यापर्ण कर स्वागत किया।

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