उरई। जिले में सहकारिता चुनाव का दौर अंतिम चरण में प्रवेश कर गया है जिसके तहत अब जनपद की सबसे शीर्ष सहकारी संस्था जिला सहकारी बैंक के चुनाव के लिए चौसर बिछ चुकी है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष और जनपद के बेहद कददावर नेताओं में शुमार उदय पिण्डारी जिला सहकारी बैंक के सभापति पद के उम्मीदवार हैं। लेकिन उनकी राह आसान नही है। समाजवादी पार्टी का सहाकारिता प्रवीण खेमा यहां अपना कब्जा बनाये रखने के लिए गोटें बिछा रहा है। जनपद की राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले उदय पिण्डारी अपने विरुद्ध इस व्यूह रचना की क्या काट निकालते हैं इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
इस बीच जिला सहकारी बैंक की अनन्तिम मतदाता सूची पर मंगलवार को आपत्तियां ली गईं। बुधवार को इन आपत्तियों का निराकरण कर अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जायेगा। इसके बाद संचालक मंडल के चुनाव का बिगुल बज जायेगा। जिसके लिए 3 मई को प्रातः 10 बजे से 4 बजे तक नामांकन पत्र दाखिल होगें। 4 मई को 10 बजे सुबह से अपरान्ह 1 बजे के बीच इनका परीक्षण किया जायेगा और तदुपरांत वैध नामांकनों की सूची प्रकाशित कर दी जायेगी।
7 मई को प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 1 बजे के बीच नाम वापस लिए जा सकेगें। इसके उपरांत मैदान में शेष रह जाने वाले उम्मीदवारों को निर्वाचन चिन्हों का आवंटन कर दिया जायेगा। आवश्यक होने पर 10 मई को प्रातः 9 बजे से 3 बजे तक मतदान कराया जायेगा और 10 मई को ही सभापतियों के नाम की घोषणा कर दी जायेगी।
इसके बाद सभापति और उपसभापति व प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर की सहकारी संस्थाओं के लिए प्रतिनिधियों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके तहत 11 मई को अनन्तिम मतदाता सूची प्रकाशित कर आपत्तियां ली जायेगीं और उनका निराकरण किया जायेगा। 11 मई को ही मतदाता सूची का अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर उक्त चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करा लिये जायेगें। इसके तत्काल उपरांत नामांकन पत्रों की जांच होगी, फिर नामांकन वापसी का समय दिया जायेगा। 2 बजे अपरान्ह से 2.30 बजे अपरान्ह के बीच उम्मीदवारों की अंतिम सूची चुनाव चिन्हों के साथ प्रकाशित कर दी जायेगी। मतदान 3 बजे से 4 बजे अपरान्ह के बीच आवश्यक होने पर कराया जायेगा। मतगणना व परिणाम की घोषणा भी 11 मई को ही कर दी जायेगी।
13 होगें संचालक
त्हसीलवार संचालकों का नियतन तय किया गया है। उरई तहसील से तीन संचालक चुने जायेगें। जालौन तहसील से दो संचालक चुने जायेगें जिनमें एक अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होगा। माधौगढ़ व कोंच तहसीलों में दो-दो सीटें हैं जिनमें से एक-एक सीट महिला के लिए आरक्षित हैं।
व्यक्तिगत क्षेत्र से तीन विशेषज्ञ संचालक चुने जायेगें। जिनमें से एक कृषि, दूसरा शिक्षा और तीसरा लेखा क्षेत्र का होगा। इस तरह कुल 13 सदस्यों का संचालक मंडल होगा जिसमें एक भी सीट अगर रिक्त रह जाती है तो शासन द्वारा उसके कोटे के मुताबिक मनोनयन किया जायेगा।







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