उरई। दिवंगत पत्रकार अमित सक्सेना की पुण्य तिथि पर मंगलवार को बस स्टैण्ड के पास समीप स्थित अमित पार्क में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उन्होंने अमित को निर्भीक और प्रगतिशील कलमकार बताया। कहा कि पत्रकारिता की गरिमा और सम्मान के लिए उनका नाम हमेशा याद किया जायेगा।
मई दिवस के दिन 1996 में एक दुर्घटना में अमित सक्सेना का असामयिक निधन हो गया था। पत्रकारिता में आने के पहले अमित भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी की छात्र शाखा स्टूडेंट फेडरेशन आफ इंडिया के अध्यक्ष भी रहे। अमित सक्सेना को ही राजमार्ग पर शहीद भगत सिंह और उनके साथियों की प्रतिमाएं स्थापित करवाकर पार्क बनवाने का श्रेय रहा।
इस दौरान भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के प्रांतीय नेता का. कैलाश पाठक ने कहा कि अमित न सिर्फ जुझारू पत्रकार थे बल्कि आंदोलनों के नेतृत्वकर्ता भी थे। उनसे समाज के लिए व्यापक योगदान की आशा थी लेकिन काल के क्रूर हाथों ने समय से पहले उनको उठा लिया। वरिष्ठ अधिवक्ता पत्रकार और कवि यज्ञदत्त त्रिपाठी ने कहा कि अमित की कलम से पत्रकारिता की आने वाली पीढ़ियां भी प्रेरणा ग्रहण करती रहेगीं। लोक संस्कृति विशेषज्ञ अयोध्या प्रसाद कुमुद ने अमित को अपना अनुज बताया। उन्होंने कहा कि अमित समाज के लिए प्रतिबद्ध पत्रकार थे। जिसकी आधुनिक मीडिया में बेहद कमी होती जा रही है। बार संघ के नव निर्वाचित सचिव अनुज शर्मा ने कहा कि उन्हें अमित दादा हमेशा याद आते रहेगें क्योंकि उन्हीं के सानिध्य में उनकी परवरिश हुई। शिक्षक नेता कमाल अहमद ने कहा कि उन्हें इस बात का सौभाग्य प्राप्त है कि उन्होंने स्टूडेंट फेडरेशन में अमित की टीम में काम किया और इस दौरान उन्हें शहीदे आजम भगत सिंह का स्मारक तैयार कराने की परियोजना में हाथ बंटाने का अवसर मिला।
वीरेंद्र तिवारी, बालमुकुंद समाधिया, देवेंद्र सिंह तोमर एडवोकेट, कामता प्रसाद वर्मा आदि ने भी विचार प्रकट किये। अमित के पिता श्यामबाबू सक्सेना एडवोकेट, भाई आलोक सक्सेना व अन्य परिजन भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।







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