उरई। मजदूर दिवस पर बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच व सहयोगी संगठनों ने प्रदर्शन कर अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभाव को कम करने की साजिश का विरोध करते हुए राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
इस अवसर बुंदेलखंड दलित अधिकार मंच के संयोजक व बहुजन फाउंडेशन के संस्थापक कुलदीप कुमार बौद्ध ने कहा कि देश में मेहनतकश व कमजोर वर्गों पर लगातार शोषण और अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं। संविधानिक प्रावधानों पर लगातार हमला हो रहे है, अभी पिछले 20 मार्च को एस.सी./एस.टी. एक्ट में जो बदलाव किये गए व उसके खिलाफ 2 अप्रैल को भारत बंद के दौरान हुई घटनाओं को लेकर निर्दोष बेगुनाहों को सताया जा रहा है, बुंदेलखंड में रोजगार व काम न होने की बजह से मजदूर पलायन कर रहे हैं, इसलिए आज हम लोग मजदूर दिवस को प्रतिरोध दिवस मना रहे है। आरक्षण एवं संविधान बचाओ महांदोलन के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि दमनशाही मजबूत करने के लिए संविधान को कमजोर करने की कोशिश हो रही है। जिसके प्रतिरोध की लड़ाई हमें जीवन-मरण का सवाल बनाकर लड़नी पड़ेगी।
महिला लीडर रिहाना मंसूरी, अनीता राज, नीलिमा संजय बाल्मीकि, कृष्ण कुमार, धर्मपाल राजपूत, विमल कुमार बौद्ध आदि ने भी विचार प्रकट किये।







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