उरई। गत 28 मार्च को कालपी में रेलवे क्रासिंग फाटक के जंगल वाले रास्ते में पुलिया के नीचे अज्ञात महिला का शव मिलने का रहस्य का भंडाफोड़ हो गया है। पुलिस ने महिला की शिनाख्त के बाद उसकी हत्या के आरोप में उसी के गांव के एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है।
महिला का शव सड़ी-गली हालत में मिला था। जिससे उसकी पहचान कराना पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण था लेकिन शव के पास मिले आधार कार्ड व मोबाइल से पुलिस ने महिला की शिनाख्त कराने में सफलता प्राप्त कर ली। आगे की छानबीन में हत्या की बात उजागर होेने पर 2 मई को पांच लोगों के खिलाफ इसका मुकदमा कायम कर लिया गया।
इसके बाद नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही थी। जिसके दौरान गत रात्रि उसरगांव के पास से एक वांछित राजू पुत्र शिवपाल सिंह को पुलिस ने धरदबोचा। राजू के बयानों से पता चला कि मृतका रहीसा पत्नी रसूल बख्स ने गांव के कोटेदार बलराम के खिलाफ रेप का मामला दर्ज कराया था। 21 मार्च को इस मामले में रहीसा कल्याण के साथ अदालत में ब्यान देने उरई गई। शाम 6 बजे जब वह लौट रही थी तो राजू ने गांव से एक किलोमीटर पहले उसे रोक लिया और बलराम कोटेदार के खिलाफ ब्यान के बारे में पूंछा। राजू तब गुस्से में आ गया जब पता चला कि रहीसा उक्त मामले में मुकर जाने के मूड़ मे है क्योंकि बलराम ने उसे कालोनी व तीन लाख रुपये नगद का लालच दे दिया है। जबकि राजू चाहता था कि बलराम के खिलाफ ब्यान हो जाये। रहीसा की बात सुनकर वह तमक गया और गुस्से में उसने उसी की साड़ी व डुप्पटा से उसके गले में फांसी लगा दी। रहीसा के मरने के बाद उसकी लाश वह नाला की पुलिया के बगल में छिपाकर वह घर चला गया। तीन-चार घंटे बाद वह अपने भाई सुनील के साथ फिर मौके पर पहुंचा और उसकी मदद से मोटर साइकिल से लाश को यमुना में बहाने के लिए कालपी जंगल के रास्ते से ले जा रहा था। लेकिन रेलवे का फाटक बंद होने के कारण उसे वहीं जंगल में पुलिया के पास लाश को छिपाकर भाग जाना पड़ा।
पुलिस अधीक्षक ने इस खुलासे के लिए कालपी के प्रभारी निरीक्षक सुधाकर मिश्रा व उनके हमराह सिपाहियों विकास यादव और दीपेंद्र को पुरस्कृत करने की घोषणा की।

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