उरई। डूडा में बाबू द्वारा खुलेआम किये जा रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ पीड़ित परिवार के साथ आमरण अनशन शुरू कर चुके विकलांग पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भगवान दास अहिरवार की हालत कई दिन से अन्न-पानी के त्याग के कारण गंभीर होने लगी है फिर भी अधिकारी इसे संज्ञान में नही ले रहे।
प्रदेश भर में अधिकारी और कर्मचारी जिस तरह भ्रष्टाचार की लूट में संलग्न हैं उससे योगी सरकार की छवि खराब हो रही है। जालौन जिले में भी अधिकारियों और कर्मचारियों का इसी तरह का आलम है। मुख्यमंत्री अभिसूचना इकाइयों से रिपोर्ट मंगाकर तस्दीक कर सकते हैं कि जिले में डूडा के कार्यालय का बाबू अरुण कुमार श्रीवास्तव किस कदर उगाही में जुटा हुआ है। चूंकि इसमें अधिकारियों को भी हिस्सा मिलता है इसलिए बाबू पर लगाम लगान तो दूर अधिकारी उसके भ्रष्टाचार का बचाव करने में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।
इस बार राष्ट्रीय विकलांग पार्टी डूडा से पीड़ित गरीब परिवारों के समर्थन में उतर पड़ी है जिससे जिले के अधिकारी बेनकाब होने लगे हैं। लेकिन उनकी बेशर्मी की इंतहा है कि फिर भी वे कोई कार्रवाई नही कर रहे हैं। इसी बीच पीड़ित परिवार की रागिनी नाम की लड़की जिसकी किडनी खराब है। हालत गंभीर हो जाने की वजह से आज मेडिकल कालेज में भर्ती करा दी गई। अधिकारियों की हृदयहीनता से आंदोलनकारियों की बलि चढ़ सकती है। ऐसा हुआ तो अधिकारियों की शामत भी आ जायेगी। इसलिए लालच की पटटी आंखों से हटाकर अधिकारी समय रहते डूडा के बाबू के भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करें इसी में गनीमत है।

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