0 कृतिम खाद्य पदार्थो के सेवन से आम जनमानस का स्वास्थ खतरे में, अधिकारी बिचौलियें मालामाल
कालपी-उरई । विभागीय जिम्मेंदार अधिकारियों की घोर उदासीनता से तहसील के प्रमुख बाजार शहर कालपी में सिन्थेटिक और घालक खाद्य पदार्थो की किराना दुकानां, होटलों तथा दूध डेरियों में अंधा धुन बिक्री से साहलक के मददेनजर आम जनमानय का स्वास्थ खतरे में पड़ जाने से सैकड़ो कर संख्या में लोग घालक बिमारियों की चपेट में आते जा रहे है।
खाद्य विभाग के आकड़ो के अनुसार कालपी नगर में 217 दुकाने पंजीकृत हो जिनमें होटल, परचून दुकाने, दूध डेरियों षामिल है। जबकि जानकारों के मुताबिक तहसील के मुख्य बाजार में करीब तीन सौ परचून दुकाने, एक सैकड़ा दूध डेरिया तथा दो सैकड़ा होटल धड़ल्ले से संचालित है। इसी तरह नगर में संचालित होटलों में जहरीले कैमिकल्स युक्त वाषिंग पाउडर व निरमायुक्त दूध से चाय, दही तथा चाय की बिक्री घड़ल्ले से जारी है जबकि आलू युक्त मिलावटी तथा जहरीले पदार्थो से मिलावटी खोवा से तैयार की जा रही वासी मिठाइयां जो होटलों में ख्सुले बर्तनों में रखकर बिक्री की जा रही हैं। जिससें सैकड़ो की संख्या में मधुमक्खी तथा जहरीले कीटाणु चिपके रहते है। होटलों की विशाक्त मिठाइयों के सेवन तथ्रर जहरीले दूध की चाय, दही, लस्सी, पनीर के सेवन से पेट की गम्भीर बीमारियों से जनमानस जूझ रहा है।
नगर के पंजीकृत तथा गैर पंजीकृत परचून की दुकानों में मिलावटी दाले, सब्जी मशाले, डालडा, बेसन तथा घी की घुवाघांर बिक्री कर साहलग के मददेनजर हजारों जनता के खुलेआम लूट कर घातक बीमारियों के मुह में घकेला जा रहा है। इसी क्रम मे नगर में संचालित करीब एक सैकड़ा दुग्ध डेरियां में कैमिकल युक्त कृतिम दूध की बिक्री तथा दूध से निर्मित पनीर तथा दही तैयार कर धन की लूट खसोट मचाई जा रही जबकि साहलग के मददेनजर बेजुवान जनता मजबूरन दूशित मीठा जहर खरीदने के लिए विवष है। कालपी के मुख्य बाजार के होटलों, दुकानो तथा दूध डेरियां में इस समय प्रतिदिन की बिक्री लाखो रुपये है और साहलग के कारण तमाम चापलूस करोड़पति का सपना संजोकरदुकाने खोलकर बेजुवान जनता को लूटने में मस्त है और भोली-भाली जनता लुटने पिटने तें विवष है।
षहर के जानकारों का कहना है कि विभागीय अधिकारी जो सरकार का मोटा धन मासिक बसूलकर अपने आलीषान बगंले से बाहर नही निकलना चाहते उक्त अधिकारीयों का षहर में नेटर्वक है और मासिक की मोटी रकम उनकी जेब में पहुंच जाती है और धनबल पर जिम्मेंदार खाद्य निरीक्षक को जनस्वास्थत की कोई परवाह नहीं हैं। नाम ना छापने कर षर्त पर नगर के अन्य क्षेत्रों के काराबारियों ने बताया कालपी नगर का एक बहुचर्चित लग्जरी वाहन चोर प्रमुख होटल संचालक होटलो तथा प्रमुख दुग्ध डेरियों से वसूली करके एक विभागीय अधिकारी के पास मासिक धन पहुचाता है जबकि उक्त वाहन चोर होटल संचालक अन्य समय में होटल होटल के नाम पर अन्य समय में धन कुवेर वन चुका है। जो अवैध रूप सक धन ब्याज पपर बांटकर षहर के कई मकानों पर कब्जे कर रहा है। इसी प्रकार के टरननगंज बाजार में एक प्रमुख किराना व्यापारी परचून दुकानदारों से वसूली कर एक विभागीय अधिकारी की जेब भारी करने का ठेका लिये है। अधिकारियों के चहेते ठेकेदार बड़े पैमाने पर नगर के होटलों, दूध डेरियों, परचून दुकानों से वसूली करके अपनी जेबे भी भारी कर रहे है तथा उक्त चापलूसों के बहकावे में आकर कोई भी व्यवसाई क्रेता को पक्की रसीद न देकर सरकार का लाखों रुपये का चूना लगाकर सरकार के नियमों को बलाये ताक पर रखे हुये है जो अत्यन्त ही चिन्ता का विशय है।
कालपी में हो रहे कृतिम खाद्य सामग्री की बिक्री सरकार को लगाई जा रही लााखों रुपये की चपत आदि की यदि जिलाधिकारी जालौन तथ्य परख जांच करा ले तो पैरो तले जमीन खिसक जायेगी और लाखों रुपये का काला कारोबार खुल कर सामने आ जायेगा और इस कारोबार में लिप्त कवभागीय अधिकारियों, ठेकेदारों के चेहरे बेनकाब हो जायेगे।





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