उरई। आगामी 16 मई से शुरू हो रहे रमजानुल मुबारक के महीने में बिजली पानी साफ सफाई सुरक्षा आदि व्यवस्थायें दुरुस्त रखने की मांग को लेकर बुधवार को जमीयत उलेमा की जिला शाखा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेंट किया।
जमीयत उलेमा के महासचिव मोहम्मद अयूब अंसारी एवं मोहम्मद मुईद खां, हाफिज अब्दुल मुही, जावेद अंसारी, अबू सुफियान अंसारी, शराफत हुसैन, मोहम्मद खालिद, सल्लू मंसूरी, हाफिज जमील खान, शकील बेग, रहमानी आदि ने जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में अवगत कराया कि 16 मई से शुरू हो रहे रमजानुल का पाक और पाबंदियों का सिलसिला पूरे एक माह चलेगा। इस दौरान मुस्लिम समाज के पुरुष, महिला बच्चे रोजा रखते हैं इबादत और नमाजों में मशगूल रहते हैं। इसलिए पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी बिजली पानी साफ-सफाई आदि व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखा जाए। ज्ञापन में मांग की गई है कि वर्तमान में बिजली की आपूर्ति सही चल रही है। लेकिन अघोषित कटौती के तहत आंख मिचोली भी हो रही है। इसे बंद किया जाये तांकि रोजा रखने, अफतार और नमाज आदि धार्मिक कार्य में रोजेदारों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। रमजान माह के दौरान 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाए जिससे लोगों को समय से जलापूर्ति मिल सके। रफी अहमद किदवई मार्ग बजरिया क्षेत्र में के ट्रांसफार्मरों पर सीढी सहित विद्युत कर्मचारी नियुक्त किए जाएं और विद्युत अधिकारियों को मोबाइल खुले रखने के निर्देश दिए जाएं। मुस्लिम बहुल मोहल्लों में बिजली की अंडरग्राउंड तार या लाइन बिछाने के दौरान जगह-जगह गड्ढे किए गए हैं जो अभी तक सही नहीं किए गए इससे रात के दौरान रोजेदारों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है उन्हें सही कराया जाए। रमजान माह में स्ट्रीट लाइट को चालू रखा जाए, रमजान माह में मुस्लिम बस्तियों, मस्जिदों मदरसों आदि के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाया जाए और शुक्रवार वक्त तरावीह की नमाज के वक्त सभी मस्जिदों एवं मदरसों के रास्तों में कलई डलवाई जाए। शहर में आवारा घूमने वाले जानवरों विशेषकर सूअरों पर मुस्लिम बस्तियों में घूमने पर प्रतिबंध लगाया जाए। क्योंकि रमजान माह में रोजेदार रात दो बजे से उठकर स्नान कर भोजन सहरी आदि करते हैं। पानी की अधिक जरूरत पड़ती है। रमजान माह में रात दो बजे से ही पानी की आपूर्ति की जाए। मुस्लिम बस्तियों में जहां सीवर लाइन या पाइप लाइन लीकेज है उसे ठीक कराया जाए। रमजान माह में बजरिया क्षेत्र में आवारा जानवरों पर रोक लगाई जाए। बजरिया रोड पर रात के समय चहल पहल रहती है इसलिए इस मार्ग पर जिला एवं पुलिस प्रशासन द्वारा ईद तक अतिक्रमण हटाओ अभियान न चलाया जाए। असर की नमाज शाम पांच बजे से रात्रि दस बजे तक अफतार व सहरी का सामान खरीदने वालों की अधिक भीड़ रहती है। इसलिए बजरिया रोड से शाम पांच बजे से रात दस बजे तक बड़े वाहन ट्रैक्टर आपे चार पहिया गाड़ियों का आवागमन बंद किया जाए। जिला कारागार में विचाराधीन मुस्लिम रोज रोजेदार बंदियों को शासन के निर्देशानुसार सीजन के मुताबिक सहरी व अफतार का सामान दिया जाए। चूंकि मुस्लिम रोजेदार कर्मचारी अपनी ड्यूटी के समय आधे घंटे का लंच नहीं लेते हैं इसलिए शासन ने मुस्लिम रोजेदार कर्मचारियों को कार्यालय से छुट्टी के समय के स्थान पर आधे घंटे पहले छोड़ने का प्रावधान किया है। इसलिए रोजेदार कर्मचारियों को शाम 5 बजे के स्थान पर शाम साढे चार बजे छुट्टी दी जाए।





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