
कदौरा —उरई । बसरेही घाट से मौरम भर कर निकले ट्रक के नीचे आने से कुचले मजदूर का शव उसके परिवारीजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने की माँग को ले कर ग्रामीणों ने घंटों नहीं उठने दिया । ग्रामीणों ने विधायक की भी नहीं सुनी । काफी देर बाद ग्रामीण पसीजे तब कहीं जा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका ।

बसरेही निवासी हरनाम प्रजापति पुत्र म मांगी प्रजापति जो कि घाट पर मौरम को लेबल करने का काम करता था वह ट्रक यू0पी074 टी05207 पर जैसे ही ऊपर से नीचे उतरा तो वह पूरी तरह से ट्रक से नही उतर पाया और ट्रक वाले ने ट्रक को आगे बढ़ा दिया जिससे वह ट्रक की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई । जैसे ही इस बात का पता ग्रामीणों को चला तो बसरेही, समसी , हिमनपुर तथा क्योटरा आदि गांव के महिला एवम पुरुष घाट की तरफ दौड़ लिए और उन्होंने सबसे पहले घाट में काम करने वालो की पिटाई शुरू कर दी । ग्रामीणों का रौद्र रूप देख घाट वाले भाग खड़े हुए।
इसके बाद ग्रामीणों के निशाने पर रहे ट्रक वाले । ग्रामीणों ने सभी ट्रको की चाभी निकाल ली और उनके ड्राइवर एवम क्लीनरों को पीटना शुरू कर दिया । यह देख उन लोगों ने बेतवा पार कर किसी तरीके से अपनी जान बचाई । पुलिस को फोन पर सूचना मिली लेकिन ग्रामीणों ने घाट पहुचने के सभी रास्तो पर जाम लगा दिया था जिसमें उन्होंने महिलाओं को आगे रखा था । जिसे देखकर पुलिस के हाँथ पैर फूल गए । बड़ी मशक्कत के बाद पुलिस घटना स्थल पर पहुच सकी । तब तक बहुत ग्रामीण इकठ्ठा हो चुके थे ।
पुलिस ने अपने आला अधिकारियों को फोन पर अवगत कराया । ग्रामीण जिलाधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़ गए । मौके पर पहुचे उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों को समझाने का अथक प्रयास किया लेकिन ग्रामीण फिर भी नही माने । एक बार फिर उपजिलाधिकारी सतीश चंद्र एवम सीओ सुबोध गौतम ने ग्रामीणों को समझाया और उनकी सारी मांगे मानने का ऐलान कर दिया । ग्रामीणों की मांग थी कि मरने वाले मजदूर के परिवार को 20 लाख रु0का मुआबजा या तो सरकार दे या फिर घाट संचालक दे ।







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