उरई। क्रय केंद्रों को लेकर सख्त कार्रवाइयों के बावजूद शिकायतें थमने का नाम नही ले रहीं। ताजा शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रामपुरा गल्ला मंडी में संचालित हो रहे पीसीएफ के गेंहूं क्रय केंद्र पर किसानों की जगह व्यापारियों का गेंहूं लिया जा रहा है।
समर्थन मूल्य पर किसानों के गेंहूं की खरीद की योजना इस बार पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। ऐसा नही है कि इस बारे में आ रही शिकायतों पर कोई गौर नही किया जा रहा हो। हाल में कुछ जगह क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर हुई। लेकिन फिर भी उन पर शासन-प्रशासन का कोई खौफ नजर नही आता।
रामपुरा में पीसीएफ के क्रय केंद्र प्रभारी संजय यादव की मनमानी इसका नमूना है। उन्हें गेंहूं खरीद के लिए रोस्टर के मुताबिक अपने केंद्र पर कर्मचारियों की डयूटी लगानी चाहिए। लेकिन ऐसा नही होता। वे स्वयं भी गाड़ी से इधर-उधर घूमते रहते हैं क्रय केंद्र पर किसानों के ट्रैक्टर खड़े हो जाते हैं लेकिन तुलाई नही की जाती। दूसरी ओर इसी दौरान व्यापरियों के माध्यम से आने वाले गेंहूं की तत्काल तुलाई हो जाती है। भुक्तभोगी किसानों ने यह भी बताया कि किसानों से छनाई और तुलाई के नाम पर 55 रुपये उल्टा लिया जा रहा है। जबकि केवल 10 रुपये कुतंल वसूलने के आदेश हैं। किसानों में क्रय केंद्र प्रभारी के इस रवैये को लेकर जर्बदस्त आक्रोश व्याप्त है।

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