उरई। तालाबों की श्रंखला बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने नीली क्रांति के नाम से महत्वाकांक्षी अभियान की घोषणा की है। जिसके लिए आगे आने वालों को आकर्षक अनुदान और प्रोत्साहन का वायदा किया गया है।
मत्स्य पालन अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामस्वरूप ने बताया कि नीली क्रांति के तहत कार्यशील तालाबों का सुधार व इनपुटस, नये तालाबों का निर्माण एवं निवेश, मत्स्य बीजों के लिए नर्सरी निर्माण, सोलर पावर एक्वाकल्चर और लोकास्ट रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर में पेगोसिएस पालन को शामिल किया गया है।
इच्छुक लोगों से 15 दिन के अंदर आवेदन मांगे गये हैं। जिनमें से चयन के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित की गई है। रामस्वरूप ने बताया कि कार्यशील तालाब निर्माण य नये तालाब के निर्माण के लिए .20 हैक्टेयर से 2.00 हैक्टेयर तक राजकीय सहायता अनुदान दिया जायेगा। लेकिन शर्त यह है कि सार्वजनिक तालाब होने पर 10 साल का पटटा और निजी भूमि की स्थिति में तालाब की खतौनी लाभार्थी के पास होना अनिवार्य है।

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