उरई। सरकार की ढीलपोल के चलते गरीबों को विभिन्न योजनाओं में दी जाने वाली सहायता सरेआम हड़पी जा रही है और कोई कार्रवाई नही हो रही है। सर्वाधिक शिकायतें ग्रामीण क्षेत्र में संचालित आवासीय योजनाओं में आ रही हैं। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में इनमें से एक में भी प्रभावी जांच कराने की आवश्यकता नही समझी गई। इसलिए प्रधान पूरी शहजोरी बरत रहे हैं।
ईमानदारी का ढोल पीटने वाली मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार के मामले में सबसे ज्यादा ढुलमुल साबित हो रही है। जिसके चलते सरकारी धन की लूट-खसोट सारी सीमाएं पार कर चुकी हैं। ताजा मामला महेबा विकास खंड के उरकरा खुर्द गांव का है। उक्त ग्राम की निवासिनी मीना देवी पत्नी अमर सिंह ने बताया कि उनकी सास कस्तूरी देवी के नाम से प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण को स्वीकृति मिली थी। जिनका निधन गत 30 अप्रैल 2017 में हो चुका है। उनकी मौत के बाद प्रधान देवेंद्र कुमार ने सचिव से मिली भगत करके 40 हजार रुपये उनके खाते से निकाल लिए।
अमर सिंह द्वारा इसकी शिकायत करने पर उन्होंने ब्लाक में बुलाकर अमर सिंह को 25 हजार रुपये थमा दिये और चुप रहने के लिए धमकाया। जिससे अमर सिंह शांत हो गये। इसी बीच 70 हजार रुपये की दूसरी किस्त कस्तूरी देवी के खाते में आ चुकी है। जिसका भुगतान निर्माणाधीन आवास को पूरा कराने के लिए अपेक्षित है। प्रधान से कई बार कहने पर भी जब उन्होंने इस पर कान नही धरे तो मीना देवी ने जिला मुख्यालय आकर डीएम के सामने गुहार लगाई। उनसे पहली किस्त का बकाया 15 हजार और दूसरी किस्त का 70 हजार तत्काल निर्गत कराने की गुहार लगाई है। डीएम ने जांच के आदेश दे दिये हैं। महेवा के खंड विकास अधिकारी स्वयं इसकी जांच करेगें।

Leave a comment