जालौन-उरई । सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर किसान परेशान है। कई बार इसकी शिकायतें भी की जा चुकी हैं जिसको लेकर सदर विधायक ने भी निरीक्षण किया था और स्वीकार किया था कि गेहूं केंद्रों में अनियमितताएं हैं लेकिन इसके बाद भी केंद्र प्रभारियों में कोई सुधार नहीं हुआ था। केंद्र प्रभारी तौल के नाम पर किसानों का शोषण कर रहे थे जिसको लेकर मंगलवार को अचानक जिलाधिकारी मौके पर पहुंच गए तथा अनिमिताएं मिलने पर नैफिड के केन्द्र संचालक व ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश इंस्पेक्टर को दिए तथा मंडी परिसर में गेहूं बेचने आये किसानों को टोकन देकर खरीद सुनिश्चित कराने के निर्देश तहसीलदार व मंडी सचिव को दिए।

जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने मंगलवार को अपरान्ह 2 बजे अचानक मंडी पहुंचकर मंडी में संचालित गेहूं खरीद केन्द्रों का निरीक्षण किया तो 11 केन्द्र बंद मिले तथा सिर्फ एक नैफिड द्वारा संचालित एक केन्द्र चालू मिला। सभी केन्द्र बंद होने के कारण सभी किसान एक ही केन्द्र पर अपना गेहूं बेचना चाहते थे। किसान हरकौती निवासी जगदीश प्रसाद, मलकपुरा निवासी सूर्यकांत, सिकरीराजा निवासी विपिन सिंह, औरेखी निवासी जगदीश, धंतोली निवासी श्रीप्रसाद व राम चरन ने शिकायत की ठेकेदार रामबाबू खरीद में मनमानी कर रहे हैं तथा 70 रुपए प्रति कुंतल पैसा लेने की शिकायत की जिस पर जिलाधिकारी ने केन्द्र प्रभारी सईद को बुलाया उनके न आने तथा शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश जिलाधिकारी ने इंस्पेक्टर को दिए। गल्ला मंडी में संचालित एक दर्जन सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों केंद्रों में सिर्फ एक केन्द्र संचालित हो रहा है। जिसके कारण किसान गेहूं नहीं बेच पा रहा है। किसानों की इस समस्या को लेकर जनसंदेश टाइम्स द्वारा खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद जिलाधिकारी ने क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया तथा किसानों को खरीद सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी ने मंडी में लेखपाल लगाकर मंडी में उपस्थित किसानों को टोकन देकर क्रमवार खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश तहसीलदार जितेंद्र पाल सिंह व मंडी सचिव सर्वेश शुक्ला को दिए। क्रय केंद्र को चालू कराने की मांग पर जिलाधिकारी ने शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

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