कोंच-उरई । 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण का आयोजन मंडी प्रशासन एवं वन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में किया गया जिसमें बढते प्रदूषण एवं पर्यावरणीय क्षरण को बचाने के लिये अधिकाधिक वृक्ष लगाने तथा पानी बचाने का आह्वïान किया गया। मंडी परिसर में दस पेड़ों के पौधों का रोपण कर मंडी सचिव डॉ. दिलीप वर्मा ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस कार्य में गल्ला व्यापारियों ने भी बढचढ कर सहभागिता की। व्यापारियों ने भी अधिकाधिक पेड़ पौधे लगाने तथा जल बचाने के प्रति प्रतिबद्घता जताई। वन क्षेत्राधिकारी वीके सिंह ने कहा कहा कि जितना आवश्यक पेड़ लगाना है उससे भी ज्यादा जरूरी है इनका समुचित पोषण करना ताकि आगे चल कर ये पूरे वृक्ष बन सकें। इस दौरान ‘वृक्ष लगाओ, पानी बचाओ’ जैसे स्लोगन भी दिये गये। वन दरोगा भागीरथ कुशवाहा, अमृत आदि मौजूद रहे।

 

 

इधर, समर्पण जन कल्याण समिति द्वारा भी वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वृक्ष नहीं तो जल नहीं, जल नहीं तो जीवन नहीं यानि हम सब नहीं। यह बात विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला समन्वयक बलवीरसिंह ने कही। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति अपने जीवन में जितनी ऑक्सीजन लेता है उतनी ऑक्सीजन आठ पेड़ दे पाते हैं। आज जिन पेड़ों की वजह से जन जीवन है वे पूर्वजों ने लगाये होगें। हमें भी अपनी आने बाली पीढी के लिये एक दो पेड़ जरूर लगाना चाहिये। धरती का श्रंृगार पेड़ ही हैं। जिला समन्वयक जालौन-हमीरपुर तान्या गांधी, पंकज आदि का कहना था कि अपने आस पास गंदगी न करना भी प्रदूषण से बचना है, अगर हर व्यक्ति सिर्फ  अपने आसपास ही गंदगी न करे तो पर्यावरण साफ  रहेगा। इस दौरान शादाब सिद्दीकी, प्रदीपकुमार सिंह, तान्या, बलवीर, सैफी आदि उपस्थिति रहे। समर्पण टीम द्वारा हुल्कादेवी मंदिर पडऱी में वृक्षारोपण कार्य किया गया तथा सभी ने संकल्प लिया कि बरसात के मौसम में सभी संस्था सदस्य चयनित कार्यक्षेत्र के गांवों में ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करायेगें।

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