कालपी-उरई । कालपी नगर से दो किलोमीटर दूर ग्राम लंगरपुर में फातिमा माता स्कूल के पीछे हाईटेक कबूतरों के परिवार रहते है जो कि अवैध व जहरीली शराब बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों एवं गरीब मजदूर क्षेत्रों में बचते हैं इनके डेरो में हजारों लीटर शराब व लहन रखा है इस जहरीली व अबैध शराब से किसी दिन कालपी क्षेत्र में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है प्राप्त जानकारी के अनुसार पता चला है कि लंगरपुर के खेतों के बाद जंगल बना है उसमें गड्डे खोदकर एवं डबल मोमिया डाल कर सड़ा गला, जलधनिया,बिलायती बबूल की छाल, बेशर्म की पत्ती, नोशादर डाल कर सैकडों लीटर लहन को जमीन के नीचे भर देते है। 15 से 20 दिन बाद इस सड़े लहन को निकाल कर कबूतरी शराब बनाई जाती है जो कि अत्यंत घातक है। इस शराब के सेवन मस्तिष्क विकृत हो सकता है मृत्यु भी हो सकती हैं। इस जहरीली शराब का धंधा काफी दिनों से फल फूल रहा है प्रति दिन इस कबूतरा डेरा से पचास हजार रुपये की शराब सप्लाई खुले आम हो रही है।यह धंधा काफी समय से चल रहा है इस कबूतरा डेरा में महिलाये व छोटे बच्चे ही शराब बनाते व बेचते हैं यह रोस्टर के हिसाब से शराब बेचते है यदि एक पक्ष सोमवार,मंगलवार, को शराब बेचेगा तो दूसरा पक्ष बुध,ब्रहस्पतिबार को बेचेगा  पुख्ता सूत्रों से पता चला है।कि प्रतिमाह इसकी फीस भी बंधी हुई है योगी सरकार ने हर किस्म के माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने के आदेश दिए थे लेकिन उक्त आदेशो का क्या हुआ अगर इस जहरीली शराब को किसी लेबोरेट्री में भेजकर जांच कराई जाए तो पता चलेगा कि यह कितनी जहरीली है।कालपी क्षेत्र में वह दिन दूर नहीं जब ग्रामीण मजदूर, गरीब लोग पच्चीस रुपये में यह अबैध व जहरीली शराब पीकर जहर के अंजाम तक पहुँचेगे तब यह पता चल जाएगा कि यह जहरीली शराब का संरक्षण कौन करता है फिलहाल में यह अबैध शराब का धंधा जोरो से चल रहा है समाज मे कोढ़ के समान पनप रहा है यह जहरीला नेटवर्क कालपी क्षेत्र के आने बाले समय के लिए घातक सिद्ध हो सकता है समय रहते पुलिस प्रशासन के अधिकारी भारी फोर्स लगाकर जंगली झाडिय़ो के बीच गड्डो में भरे लहन नस्ट कराये ताकि जहरीली अबैध शराब का नेटवर्क ध्वस्त हो सके। योगी सरकार की सख्ती का लाभ आम समाज को मिल सके।

 

 

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