ग्वालियर । बुद्धवार को  चम्बल में पत्रकारिता के आधार स्तंभों में से एक स्व त्रियुगी नारायण शर्मा जी की पुण्यतिथि थी । ग्वालियर में ग्रामीण पत्रकारिता विकास संस्थान ने इस मौके पर एक गोष्ठी का आयोजन कर श्रद्धांजलि अर्पित की ।
त्रियुगी नारायण शर्मा जी बिलाव गाँव के रहने वाले थे और बकालत करने के बाद उन्होंने भिंड को अपनी कर्मभूमि बनाया । उन्होंने अभावों के बीच उदगार नामक साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया और कालांतर में भिंड का संभवतया पहला दैनिक भी । अस्सी के दशक में भिंड में उदगार का उसी तरह इंतज़ार होता था जैसे इंदौर में नई दुनिया का । इस अखबार से जुड़े केपी सिंह और रविन्द्र श्रीवास्तव जी बाद में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पत्रकारों में शुमार हुए । इन दोनों के साथ मुझे भी इसी अखबार में पत्रकारिता का ककहरा सीखने का मौका मिला । आदरणीय बाबू जी पत्रकारिता के प्रति समर्पित,सजग,ध्येयनिष्ठ और ईमानदार थे । वे वर्षो कॉंग्रेस के नगर अध्यक्ष रहे लेकिन तब भी उनके अखबार में कांग्रेस के खिलाफ खूब खबरें छपी लेकिन उन्होंने कभी न इस पर अंकुश लगाया और न ही रोकने की चेष्टा की । उन्होंने कभी खबर से समझौता नही किया और सदैव इसकी कीमत भी चुकाई । उनकी निष्पक्षता उनके आसपास आलोचकों की संख्या बढ़ाती थी लेकिन वे अपनी जिंदगी अपनी तरह से जीने में ही खुश रहने वाले थे ।
संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार सुरजीत यादव तथा उदगार के सम्पादक विकास शर्मा सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे ।

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