उरई। कुछ लोग आपसी मनमुटाव के चलते गांव के विकास को भी ताक पर रख देते हैं। प्रधान के चुनाव के समय हुई वैमनस्यता की वजह से ग्राम पंचायत के ही कुछ लोग विकास कार्यों में रोड़ा बने हुए हैं और दुष्प्रचार करने में जुटे हुए हैं। यह बात लोहई दिवारा ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि लल्लूराम पाल ने जनसंदेश टाइम्स से मुलाकात में कही।

उन्होंने कहा कि जब से सुशीला देवी लोहई दिवारा की प्रधान बनी हैं उन्होंने ग्राम पंचायत का विकास कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। गांव में शौचालय, आवास, पेयजल, सफाई आदि पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम प्रधान के चुनाव के समय से कुछ लोग उनसे बैर मानते हैं और जब से वह चुनाव जीती हैं तभी से उनके विरोधी उनके खिलाफ षड्यंत्र रचते रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस वक्त लोहई दिवारा में चेकडैम की सफाई का कार्य कराया जा रहा है। मनरेगा के तहत तीन लाख की लागत से 640 मीटर लंबे चेकडैम में सिल्ट सफाई, खुदाई आदि कराई जा रही है जिसमें सिर्फ जाब कार्ड धारकों को ही काम दिया गया है। उन्होंने कहा कि चूंकि इस वक्त स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां चल रही हैं इसलिए वहां काम करने वाले कुछ जाब कार्ड धारक घर पर बच्चों को अकेला छोडऩे की बजाय अपने साथ लिवा लाते हैं जबकि कुछ मजदूरों के बच्चे उन्हें खाना देने पहुंच जाते हैं जिसे उनके विरोधियों ने बालश्रम का रंग देकर प्रचारित कर दिया। उन्होंने कहा कि एक प्रधान होने के नाते ग्राम पंचायत के विकास की उन पर जिम्मेदारी है और वह एेसा कोई भी कार्य नहीं करेंगे जो कानून के खिलाफ हो। उन्होंने यह भी कहा अगर वह बच्चों या अन्य जाब कार्ड धारकों की बजाय किसी अन्य से कार्य करा रहे होते तो जाब कार्ड धारकों को भी उनकी शिकायत करनी चाहिए थी लेकिन एेसा नहीं हुआ।

 

 

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