उरई। अलविदा जुमा पर दोपहार बाद विशेष नमाज में खुतबे और उसके बाद इमामों ने दुआओं और शेरों के जरिये रमजान को रस्मी तौर पर विदाई दी। तय वक्त पर हुई जुमे की नमाज में लोगों ने पूरे जोश खरोश से शिरकत की।
चिलचिलाती धूप के मददेनजर इंतिजामकारों ने शामियानों को मस्जिदों के बाहर नस्ब कराया था। बड़ी मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष मुईद खान ने बिजली की आंखमिचौली के कारण पानी के इंतजाम का विशेष ध्यान रखा। जामा मस्जिद में तकी मंजिल के सामने वजूखानों और पानी के टैंकर की व्यवस्था की गई।
नवी के मस्जिद के इमाम हाफिज मंजूर ने दुआ की कि अगली साल भी रब हम सबको रमजान का मुबारक महीना अता फरमाये। स्टेशन वाली मस्जिद के इमाम हाफिज जब्बार ने अहले निसाब को जकात व फितरे की सही-सही रकम गरीबों को चुकाने की ताकीद की।
बजरिया में सड़क घेरकर लगाईं गईं बांस और टटटरों की अस्थाई दुकानों की चौड़ाई इस बार पहले से ज्यादा रही। जिससे नमाज के लिए जाते हुए अकीदतमंदों को खासी परेशानी हुई। हार, बुंदों की झालरें, बैल्टे और कपड़े रोजदारों की मुंह से खूब टकराये। इरशाद सेठ और मो. मुही आजम ने कहा कि घनी बस्ती में साल दर साल बेतरतीब फैल रही यह अवैध दुकानें आने वाले वक्त में कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। इन पर अंकुश रखना अब जरूरी हो गया है। पुलिस प्रशासन में उत्साह कुछ ज्यादा ही नजर आया। बजरिया में पुलिस का एक नया रंगरूट कांग्रेस के बहुत ही सभ्रांत नेता से बाइक रोकने की हुज्जत में भिड़ गया। बाद में लोगों ने हस्तक्षेप कर माहौल बिगड़ने से बचाया।
एलान के मुताबिक शनिवार को ईद की नवाज नवी की मस्जिद में सुबह 8 बजे, क्लब वाली मस्जिद में साढ़े आठ बजे, कब्रिस्तान व स्टेशन रोड वाली मस्जिद में सुबह 9 बजे होगी। कल की ईंद की खुशियों की धमक शाम से ही मिठाई दुकानदारों की तैयारी, सिलाई की दुकान पर कपड़े तलब करते लोगों रेडीमेड व खोये की दुकानों पर खरीददारों की भीड़ से साफ दिखी। मिटटी के बर्तनों की खरीद भी चरम पर रही।
सिरसाकलार प्रतिनिधि के अनुसार सिरसाकलार में रमजान माह के आखिरी जुमा की नावज में अकीदतमंदों ने अपने सभी गुनाहों से तौबा करते हुए देश में भाईचारा और अमन चैन बने रहने की दुआ की। नवाज के बाद सभी एक-दूसरे के गले मिले। थाना पुलिस दलबल के साथ मौजूद रही।





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