कालपी। कालपी का एक दशक से अधूरे पड़े फोरलेन सडक़ निर्माण को लेकर नेशनल हाईवे पीडब्लूडी व स्थानीय पुलिस प्रशासन ने बड़ी संख्या में उपस्थित रह कर हाइवे निर्माण में बाधक पांच धर्मस्थलों की नाप तौल करके सीआरपी तैयार की।मालूम हो कि वर्ष 2004 में में स्वीकृत हुआ कालपी का नेशनल हाईवे एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है। जिसके चलते न जाने कितने लोग की जान जा चुकी और न जाने कितने घर तबाह हो गये। राजनैतिक दलों के नेताओं ने वोटों के लालच में समय-समय पर इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश की लेकिन जिस तरीके से हिन्दू मुस्लिम एकता संघर्ष समिति ने इस हाइवे के निर्माण को लेकर जो मूवमेंट खड़ा किया उससे प्रदेश व केन्द्र सरकार का सरकारी अमला हरकत में आ गया। पहले हाइवे की निर्माण कम्पनी ने सभी स्थलों को गिराये जाने के निशान लगाने के बाद एक बार फिर शुक्रवार की दोपहर एक बजे से चिलचिलाती धूप में नायब तहसीलदार भान सिंह यादव, ओबीएल कम्पनी के जनसंपर्क अधिकारी डीएन तिवारी, आफीसर अनिल तिवारी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुधाकर मिश्रा, उपनिरीक्षक सर्वेश कुमार व पीडब्लूडी विभाग उरई के जेई व एई तथा दो सेक्शन पीएसी के जवानों व हाइवे कर्मचारियों की मौजूदगी में दुर्गा मंदिर, शंकर जी मंदिर, तकी मस्जिद,तकी मजार व खानकाह शरीफ दरगाह सहित नगर के पांचों धर्मस्थलों की नापतौल करके सीआरपी तैयार की गई। इस सम्बंध में हाइवे के जनसम्पर्क अधिकारी डीएन तिवारी से वार्ता की कि सीआरपी का मतलब यह है कि इन पांचों धर्म स्थलों के भवन का जो नुकसान होगा उसका मेजरमेंट लिया जा रहा है उसी के आधार पर मुआवजा व धर्म स्थलों के सिफप्टिंग का काम होगा। वही नायब तहसीलदार भान सिंह यादव ने कहा कि शासन की मंशा है कि शीघ्र ही हाइवे का निर्माण हो तथा यह जो धर्म स्थल है सभी सरकारी जमीन पर निर्मित है।






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