उरई। कन्या भ्रूण हत्या पर मुखबिर योजना के माध्यम से सरकार ने सशक्त प्रहार करने की योजना बनाई है। इसमें प्रायोजित गर्भवती महिला और उसके पति को अल्ट्रा साउंड सेंटरों पर भ्रूण के लिंग परीक्षण के लिए भेजा जायेगा। उनके जाल में किसी अल्ट्रा साउंड सेंटर के फसने पर उन्हें आकर्षक पुरस्कार दिया जायेगा।
बाल लिंगानुपात गड़बड़ा जाने से सरकार बेहद चिंतित है क्योंकि आगे चलकर इसकी वजह से कई सामाजिक जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अल्पना बरतारिया ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि जिले में 2011-12 तक 0 से 06 वर्ष तक के बच्चों में लिंगानुपात 881 था। हालांकि 2013-14 में बढ़कर यह 938 हो गया। पर सरकार चाहती है कि बाल पुरुष और महिला का अनुपात समान हो जाये। मुखबिर योजना को लागू करके इस दिशा में प्रभावी कोशिश की गई है।
उन्होंने बताया कि मुखबिर योजना में भ्रण परीक्षण करने वाले अल्ट्रा साउंड केंद्रों पर शिंकजा कसने वाले मुखबिर को 60 हजार रुपये, परीक्षण की पेशकश लेकर पहुंचने वाली महिला को 1 लाख रुपये और उसके पति या सहायक को 40 हजार रुपये पुरस्कार के रूप में दिये जायेगें और उनका नाम गुप्त रखा जायेगा।

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