उरई। बालिकाओं के साथ यौन हिंसा को रोकने के लिए सरकार चाहे जितने सख्त तेवर दिखा रही हो लेकिन सिरसाकलार पुलिस पर इसका कोई असर शायद नही है। 10 दिन पहले 15 वर्षीय बालिका के साथ छेड़खानी की रिपोर्ट कई बार उसके अभिभावकों के थाने जाने के बावजूद दर्ज नही हो पाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीपरी अठगइयां निवासी एक पंद्रह वर्षीय बालिका 10 दिन पहले जब शौंच के लिए जा रही थी तभी रास्ते में दीपक पाठक ने उसे रोककर उसके साथ छेड़खानी की। जब बालिका ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट करके पूरे परिवार को मरवा देने की धमकी देता हुआ भाग निकला।
पीड़ित बालिका के पिता ने बताया कि जब वह अपनी पत्नी के साथ विमलेश पाठक के घर शिकायत करने गया तो उसे उल्टे सबक सिखाने की धमकी दी गई। थाने में भी सिपाहियों ने पीड़िता को डांटकर भगा दिया। इससे छेड़खानी करने वाले युवक और उसके परिवार के लोगों के हौसले बुलंद हो गये।
दो दिन पहले छेड़खानी करने वाले युवक के बड़े भाई अंकित पाठक और पिता विमलेश पाठक ने पीड़िता की मां को खेतों में बकरी चराते समय घेर लिया और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता के पिता ने यह भी बताया कि उक्त लोग दबंग हैं और पहले भी दो-चार बार मारपीट कर चुके हैं। लेकिन अब बात बर्दास्त से बाहर हो चुकी है। इसलिए हर हाल में कानूनी कार्रवाई कर दोषियों को जेल भिजवाना चाहते हैं।

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