उरई। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत के मिशन को अब नगर में ही बट्टा लगते दिखाई देने लगा है। एक महीने पूर्व पालिका के अधिशाषी अधिकारी व सफाई निरीक्षक का स्थानांतरण होने के बाद पालिका की फौज अपनी मनमर्जी की मालिक बनती जा रही है जिस कारण शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आने लगी हैं।

गौरतलब है कि लगभग एक माह पहले पालिका के अधिशाषी अधिकारी रविंद्र कुमार व सफाई निरीक्षक का स्थानांतरण गैर जनपद के लिए हो गया था जिसके बाद से अभी तक नए ईओ ने चार्ज नहीं लिया है जिस कारण अब पालिका के कर्मी भी अपनी मर्जी के मालिक हो चुके हैं। न तो शहर की सफाई व्यवस्था पर ध्यान दिया जा रहा है और न ही बारिश के मौसम को देखते हुए अन्य व्यवस्थाओं पर। स्थिति यह है कि नगर के ही वार्ड नंबर 2 उमरारखेड़ा के बाशिंदें अभी से जलभराव की समस्या से जूझते दिख रहे हैं। ऐसे में जब मानसून अपना असर दिखाएगा तो यहां के हालात क्या होंगे इसका अंदाजा यहां की स्थिति को देखकर बखूबी लगाया जा सकता है। मोहल्ले के निवासी रमेश, राहुल, अंकुर, विजय, मोहित, धीरेंद्र, महेश, मुकेश, कमला, सुशीला देवी आदि का कहना है कि मोहल्ले में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है। हालात तो यह है कि वार्ड के सभासद भी सफाई व्यवस्था की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। सडक़ों पर गंदगी पड़ी हुई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं तो नालियां भी चोक पड़ी हुई हैं। सफाई कर्मियों का कोई पता नहीं रहता है कि कब आते हैं और कब चले जाते हैं। कई बार इसकी शिकायत भी की जा चुकी है लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया जिससे मोहल्ले में नारकीय स्थिति बनती जा रही है। वहीं बारिश का मौसम होने के कारण संक्रामक रोगों का भी खतरा बना हुआ है।

 

 

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