जालौन-उरई। लेखपालों की 18 दिन से चली आ रही हड़ताल के कारण आम जनता परेशान है। पखवारा भर हो गया है जबसे आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी नही हो पा रहे। तहसील से जारी होने वाली खतौनी की नकल भी किसानों को नही मिल पा रही है जिसके कारण किसानों के तमाम कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आवाहन पर प्रदेश व्यापी स्तर पर चल रही हड़ताल में तहसील क्षेत्र के सभी 49 लेखपाल 8 सूत्रीय मांगों को लेकर पूरे जोश-खरोश के साथ हिस्सेदारी कर रहे हैं। यह आंदोलन 26 जून से छिड़ा है और आज तक जारी है। इसकी वजह से 1270 आय प्रमाण पत्र, 1125 जाति प्रमाण पत्र तथा 795 निवास प्रमाण पत्र के आवेदन अधर में लटके हैं। राहत की बात यह है कि सरकार ने अभी छात्रवृत्ति आवेदन की अंतिम तिथि घोषित नही की है। जिसके कारण छात्रों को ज्यादा जल्दी नही है। व्यवसायिक व अन्य पाठयक्रमों में निवास, आय व जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य होने के कारण ऐसे छात्र जरूर परेशान हैं जिनकी समस्या का समाधान किसी के पास नही है।
उधर तहसीलदार कार्यालय से जारी होने वाली खसरा-खतौनी की नकल न मिलने से किसान क्रेडिट कार्ड नही बनवा पा रहे और उन्हें अन्य परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। इसी बीच लेखपालों की हड़ताल से निपटने के लिए प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर ली है। उप जिलाधिकारी भैरपाल सिंह ने बताया कि आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों को कानूनगो की आईडी से अमीनों की आईडी पर भेजकर रिपोर्ट लगवाई जा रही जिससे शीघ्र प्रमाण पत्र जारी होगें।

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