
उरई। मानव मल ढोने एवं बिना सुरक्षा उपकरण के सीवर टैंक की सफाई करने वाले पप्पू बाल्मीकि ने जिलाधिकारी जालौन को ज्ञापन देकर मानव हाथ से मैला ढोने, उठाने का पहचान पत्र जारी करने की मांग की है।
जनपद के कदौरा ब्लाक क्षेत्र के ग्राम गर्रेही निवासी पप्पू बाल्मीकि पुत्र श्यामलाल बाल्मीकि ने आज समाजसेवी संजय बाल्मीकि, केके प्रजापति, कल्पना बौद्ध, नीलमा बौद्ध, सीलमा बौद्ध, रामकुमार, रिहाना मंसूरी एवं अपनी पत्नी राजा बेटी बाल्मीकि के साथ जिलाधिकारी से मिले। पप्पू बाल्मीकि ने बताया कि वह पिछले 30 साल से ग्राम गर्रेही गांव में रहते हैं और उसके परिवार में तीन पुत्र चार पुत्रियों सेहत आठ लोगों का परिवार तालाब के किनारे झोपड़पट्टी बनाकर रहने को मजबूर है ना तो उसके पास रहने के लिए मकान है और ना ही जीविका का के लिए कोई सहारा वह अपने गांव में मानव मल सीवर सफाई बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवर टैंक में घुसकर मानव मल निकालता है और उसकी पत्नी राजा बेटी जो पहले पांच वर्ष तक गांव की प्रधान रह चुकी है। वह भी उसके साथ सीवर टैंक सफाई मानव मल हाथ से उठाने का कार्य करती है। जिससे वह लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। पप्पू बालमीक का कहना था कि उन्होंने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी की थी लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए आज वह पत्नी के साथ उरई आया है। उसने जिलाधिकारी से मांग की कि मेरे परिवार को मानव मल ढोलना सफाई से मुक्ति दिलाकर हाथ से मैला उठाने वाले कर्मी का पहचान पत्र देकर कानून के हिसाब से स्थाई पुनर्वास किया जाए। उसे आवास, राशन और नौकरी दिलाई जाए जिससे उसे इस तरह का काम करने के लिए मजबूर ना होना पड़े।






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