उरई। मिलावटी और दूषित दूध की बिक्री पर कड़ा शिकंजा कसा जायेगा। शुक्रवार को जनपद में तैनात खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इसके लिए अभिहित अधिकारी डा. प्रियंका सिंह भदौरिया ने जायसवाल पैलेस में आयोजित बैठक में प्रशिक्षण दिया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र में दुग्ध अवशीतन केंद्रों का सघन निरीक्षण करें। वहां यह खास तौर से देखा जाये कि सफाई उचित और मानकों के अनुरूप है या नही।
इसी तरह सभी बड़े, मझोल डेयरी संचालक जो कि दूध संग्रहण के बाद पनीर, छैना और घी बनाते हैं वे अपने अपशिष्टों का डिस्पोजल करने की सही व्यवस्था रखे हैं या नहीं इस पर ध्यान दें।
उन्होंने बताया कि अवशीतन केंद्रों पर कई बार दूधिये खराब दूध लेकर आते हैं जिन्हें वापस कर दिया जाता है। ऐसे दूधियों के नाम एक रिजेक्ट रजिस्टर पर दर्ज किये जाते हैं। निरीक्षण में इस रिजेक्ट रजिस्टर का अवलोकन जरूर किया जाये। ताकि ऐसे दूधियों का चिन्हांकन किया जा सके।
डा. प्रियंका भदौरिया ने कहा कि कई बार दोपहर में दूध के टैंकर आते हैं। ऐसी स्थिति में उनका निरीक्षण किया जाना जरूरी है। क्योंकि दुग्ध उत्पाद ज्यादा समय तक अपने प्राकृतिक रूप में नही रह पाते। जिन खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के नमूने असुरक्षित पाये जायें उनके लाइसेंस निलंबन की संस्तुति अनिवार्य रूप से भेजने की ताकीद भी उन्होंने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दी।

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