झांसी। अमर क्रांतिकारी स्वतंत्रा सेनानी चंद्रशेखर आजाद के जीवन की असली कहानी पहली बार बड़े पर्दे पर सबके सामने लाई जा रही है। अगली 14 सितंबर को यह फिल्म एक साथ 26 भाषाओं में रिलीज होगी।
चंद्रशेखर आजाद की बायोपिक राष्ट्रपुत्र के नाम से बनाई गई है। जिसमें आजाद और उनके परिवार की हालत कैसी थी फिरंगियों को लड़ाई लड़कर खदेड़ने का जज्बा उनमें किस तरह उबाल खाता था यह सब फिल्म के माध्यम से बताया जायेगा। इस फिल्म में यह भी बताया जायेगा कि आजाद हिंद फौज को आजाद का टाइटल क्यों दिया गया था।
फिल्म के लेखक व निर्देशक का नाम भी आजाद है जो कि वाराणसी के रहने वाले हैं। दरअसल वे चंद्रशेखर आजाद से बहुत प्रभवित थे इसीलिए उन्होंने अपना नाम आजाद रख लिया। आजाद ने बताया कि राष्ट्रपुत्र की शूटिंग इलाहाबाद, लखनऊ व झांसी मेें की गई है। झांसी के कई सीन फिल्म में शामिल किये गये हैं। जिस समय भगत सिंह की मुलाकात आजाद से हुई वे गणेश शंकर विद्यार्थी के अखबार में काम कर रहे थे। फिल्म में बहुत ही रोमांचक ढंग से इसका चित्रण किया गया है।
बाम्बे टाकीज द्वारा बनाई गई इस फिल्म के मोशन पोस्टर का विमोचन कर दिया गया है। साथ ही राष्ट्रपुत्र के वैश्विक रिलीज डेट के रूप में 14 सितंबर 2018 की घोषणा की गई है। विदित हो कि 6 दशकों के अंतराल के बाद बाम्बे टाकीज गिरीश घनश्याम दुबे के नेतृत्व में राष्ट्रपुत्र के माध्यम से पुनर्जीवित हो रही है।

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