उरई। राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान में असहयोग के कारण शुक्रवार को एक बैंक प्रबंधक पर बुरी बीती। डीएम ने बैंक प्रबंधक को पुलिस के जरिये बुलाकर अपने चैम्बर में जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि 2 अक्टूबर को पूरा जनपद बाहर में शौंच से मुक्त घोषित किया जाना है। इसलिए हर घर में तेजी के साथ शौंचालय का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें किसी तरह की रुकावट बर्दास्त नही की जा सकती।
बताया गया है कि भारतीय स्टेट बैंक की एट शाखा के प्रबंधक दिलीप खरे के रवैये के कारण धगुवांकला गांव के 70 लाभार्थियों के खाते में शौचालय निर्माण की रकम नही पहुंच पा रही थी। ग्राम पंचायत सचिव रमेश उदैनिया ने व्यक्तिगत स्तर पर दिलीप खरे के सामने बहुत पैरवी की लेकिन वे आपत्तियों पर आपत्तियां गिनाकर धनराशि ट्रांसफर करने से मना करते रहे। सहायक विकास अधिकारी बलवीर सिंह की बात भी उन्होंने नही सुनी।
अंततोगत्वा बलवीर सिंह ने जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता का कार्य होने की वजह से बैंक प्रबंधक द्वारा उत्पन्न किये गये व्यवधान से जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर को अवगत कराया तो उनका पारा सांतवें आसमान पर जा पहुंचा। उन्होंने फौरन एट के प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र द्विवेदी से कहा कि वे अड़ियल बैंक प्रबंधक को अपनी कस्टडी में लेकर उनके सामने पेश करें। इस दौरान उन्होंने बलवीर सिंह और रमेश उदैनिया को भी बुलवा लिया। डीएम ने जमकर बैंक प्रबंधक दिलीप खरे की क्लास ली तो उनकी बोलती बंद हो गई।
बाद में दिलीप खरे से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के खाते में जल्द ही पैसा ट्रांसफर हो जायेगा। उन्होंने पुलिस से पकड़वाकर उनकों बुलवाये जाने की बात से भी इंकार किया। बोले कि मुददे की शीघ्रता को देखते हुए वे उरई आ रहे प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र द्विवेदी के साथ ही डीएम के पास चले आये।






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