उरई। दिशा छात्र संगठन, नौजवान भारत सभा और जागरूक नागरिक मंच की ओर से चलाये जा रहे शिक्षा-रोजगार अधिकार अभियान के तहत मंगलवार को उरई में शहीद भगत सिंह पार्क से जिला परिषद तक जुलूस निकाला गया। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस दौरान नौजवान भारत सभा द्वारा कलेक्ट्रेट में सभा की गई।
सभा को संबोधित करते हुए नौजवान भारत सभा के बृजेश ने कहा कि देश में शिक्षा को बाजार के हवाले करके खरीदने बेंचने की चीज में तब्दील कर दिया गया है और प्राइवेट संस्थानों को लूट की खुली छूट दे दी गई है। इसका परिणाम यह हुआ है कि छात्रों-नौजवानों की एक बड़ी आबादी की पहुँच से शिक्षा लगातार दूर होती जा रही है। आँकड़ों के हिसाब से हाईस्कूल पास करने वाले छात्रों में से केवल 12 प्रतिशत छात्र ही उच्च शिक्षा तक पहुँच पाते हैं। शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाने की सारी कवायदें निरर्थक साबित हो रही हैं। अभी हाल ही में राज्य सभा में पेश की गई एक रिपोर्ट के हिसाब से देश में 10 लाख शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। ऐसे में समझा जा सकता है कि हमारी सरकारें शिक्षा को लेकर कितनी संवेदनहीन हैं। इसी तरह से रोजगार का संकट भी प्रतिदिन और भयंकर रूप ग्रहण करता जा रहा है। सेंटर फार मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी के एक सर्वे के मुताबिक पिछले एक साल में देश में 57 लाख रोजगार कम हो गए। सरकारी नौकरियों की स्थिति यह है कि विभागों में खाली पड़े पदों को समाप्त करके संविदा ठेके पर देने का आम नियम बनाया जा चुका है। जो नियमित भर्तियाँ हो भी रही हैं, वह खाली पदों के अनुपात में बहुत ही कम हैं। ऐसे में शिक्षा और रोजगार के अधिकार को मौलिक अधिकारों में शामिल करवाने को लेकर एक लम्बी लड़ाई छेड़ने की जरूरत है।
नौजवान भारत सभा के यशवन्त ने कहा कि हर साल सरकार भर्तियों के नाम पर फॉर्म से अरबों-खरबों की कमाई करती है। आए दिन परीक्षाएँ रद्द होती रहती हैं लेकिन फॉर्म के शुल्क का कोई हिसाब नहीं दिया जाता है। आवेदन के भारी-भरकम शुल्कों को खत्म करते हुए साक्षात्कार तथा परीक्षा की यात्रा को निःशुल्क किया जाना चाहिए और रोजगार न दिये जाने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता दिया जाना चाहिए।
सभा के दौरान ‘शिक्षा और रोजगार हमारा जन्मसिद्ध अधिकार’, ‘अभी लड़ाई जारी है’ आदि गीत प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम में लक्ष्मी, अंजलि, अनुष्का, प्रतिभा, प्रखर, अतुल जी, उदित, मिथुन, वीरू, दिनेश, अंगद, अविनाश, अमित, विजय आदि शामिल रहे।

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