उरई। जालौन रोड स्थित विद्युत भवन में शनिवार को उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदा विद्युत कर्मियों ने दिन भर नारेबाजी करते हुए धरना दिया।
इस दौरान बताया गया कि टेंडर प्राप्त करने वाली बाहरी कंपनियों ने 40 प्रतिशत कर्मचारी भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम से तथा 60 प्रतिशत हाईस्कूल और आईटीआई होल्डर अभ्यर्थियों से भरने का फैसला किया है जिससे कई वर्ष से काम कर रहे अनुभवी विद्युत कर्मियों का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। उन्हें अगर सेवा से पृथक किया गया तो उनके परिवार के सामने भुखमरी की नौबत आ जायेगी।
साथ ही उन्होंने एक तहसील के कर्मचारी को दूसरी तहसील में भेजने के निर्णय को भी तुगलगी बताया। कहा कि मात्र 6 हजार रुपये मानदेय पर दूर नौकरी कराने का फैसला निष्ठुरता का परिचायक है। उन्होंने समान कार्य के लिए समान वेतन देने तथा 2009 से ईपीएफ की धनराशि का ब्यौरा मांगा। ईपीएफ घोटाले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए संविदा विद्युत कर्मियों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने घोषणा की कि जब तक उनकी मांगे पूरी न होगी कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। धरने में दिलीप कुमार, सुनील कुमार, हनुमंत सिंह, चंद्रशेखर, समरथ सिंह, जगदीश, आशिक खां आदि शामिल थे।






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