उरई। शिक्षक, कर्मचारी मोर्चा के जिलाध्यक्ष लालसिंह चैहान के नेतृत्व में बुद्धिजीवियों ने कालपी में हाइवे के मुददे पर प्रशासन का मनोबल बढ़ाया। बुद्धिजीवियों ने कहा कि 14 सालों से अधूरे पड़े फोरलेन हाइवे की रुकावट को दूर करने के लिए प्रशासन ने जिस दिलेरी का परिचय दिया वह बेमिसाल है। इससे झांसी-कानपुर हाइवे पर सफर करने वालों और कालपी के बाशिंदों को नारकीय परेशानी से छुटकारा मिलेगा। इस दौरान राष्ट्रपति पदक से सम्मानित शिक्षक छोटेलाल विश्वकर्मा और बृजमोहन राय खन्ना भी मौजूद थे।
इसके पहले कालपी में पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय में शांति व्यवस्था को लेकर काफी देर तक बैठक हुई जिसमें उप जिलाधिकारी सुनील कुमार शुक्ला, पुलिस उपाधीक्षक सुबोध गौतम, कालपी के कोतवाल सुधाकर मिश्रा और आटा थानाध्यक्ष आनंद कुमार सिंह प्रमुख रूप से मौजूद थे। बाद में उप जिलाधिकारी सुनील कुमार शुक्ला ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग चैड़ीकरण परियोजना की जद में आने वाले धर्मस्थलों का बीते दिनों जन सहयोग से शांति पूर्वक विस्थापन करा दिया गया है। लेकिन कुछ लोग इसमें विवादों को तूल देकर तथा तरह-तरह की अफवाहें फैलाकर नगर के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे तत्वों पर प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने बताया िकइस संबंध में प्रदेश शासन के द्वारा निर्देश प्राप्त हो चुके हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचार करने वाले शरारती लोगों पर प्रशासन की पैनी निगाह रहेगी। खुफिया तंत्र को भी सक्रिया किया जा चुका है।
उधर बुधवार की सुबह हिंदू संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता मांग दुर्गम्बा पीठ के परिसर में एकत्रित हो गये और नारेबाजी करते हुए आपरेशन सहयोग के दौरान दुर्गा मंदिर की तोड़ी गई चोटी के निर्माण की मांग करने लगे। यह खबर जब पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को लगी तो उनके हाथ-पैर फूल गये। सूचना पाकर कोतवाल सुधाकर मिश्र मंदिर पहुंचे और उन्होंने मां वनखंडी देवी मंदिर के महंत जमुनादास महाराज से बातचीत कर शांति बनाये रखने में उनका सहयोग मांगा। इसके बाद कार्यकर्ता परिसर से चले गये और तनाव खत्म हो गया।

Leave a comment