झांसी। 21 से 28 सितंबर तक स्थानीय पैरामेडिकल के सभागार में आयोजित होने जा रहे शिविर में सारे देश और बुंदेलखंड के डेढ़ हजार किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जायेगा। यह आयोजन पदमश्री सुभाष पालेकर के निर्देशन में किसानों की आमदनी दुगनी करने और लोगों को जहरीले भोजन की त्रासदी से मुक्त कराने के अभियान का हिस्सा है।
प्रशिक्षण शिविर के संयोजक और बबीना के विधायक राजीव सिंह पारीक्षा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक, संकरित बीज के अंधाधुध उपयोग और भूजल के बड़े पैमाने के इस्तेमाल से खेती में कई विसंगतियां पैदा हो रही हैं। उपज में जहरीला प्रभाव, ज्यादा लागत की वजह से खेती छोड़ने की किसानों की मजबूरी और उनके आत्महत्या की कगार तक पहुंच जाने जैसी मुश्किलों से निजात के लिए जैविक खेती ही विकल्प है। खास बात यह है कि जैविक खेती में किसानों को धेला भर की भी लागत नही लगानी पड़ती।
जैविक खेती में देशी गाय की भी जरूरत पड़ती है। देश के 14 करोड़ किसान परिवार इस बहाने एक-एक देशी गाय को पालने का जिम्मा संभाल लेगें तो कोई गाय सड़क पर नही दिखाई देगी जिससे एक और समस्या का अंत हो जायेगा।
प्रेस वार्ता में गरौठा के विधायक जवाहर लाल राजपूत, मऊरानी के विधायक बिहारी लाल आर्य, जालौन-भोगिनीपुर-गरौठा के सांसद भानुप्रताप वर्मा, शिविर के राष्ट्रीय समन्वय आचार्य योग ऋषि अविनाश जी ने भी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। बताया गया कि 20 सितम्बर को पदमश्री सुभाष पालेकर स्वयं यहां मीडिया को संबोधित करेगें।
इस मीडियावार्ता का संचालन प्रो. एसआर गुप्ता और आभार प्रदर्शन विभुकांत सहाय ने किया। राकेश पाठक, आरपी गुप्ता, अरविंद द्विवेदी, सुनील गुप्ता, अजिताभ सिंह, रविंद्र कौरव, मोहन पाल व शंशाक त्रिपाठी उपस्थित थे।

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