उरई। नदीगांव में सहायक खंड विकास अधिकारी अर्जुन सिंह पर हमले के चर्चित मामले में पुलिस की ओर से अभिमन्यु सिंह डिम्पल सहित सभी आरोपियों को दो-तीन सप्ताह के अंदर गिरफ्तार कर लिए जाने की हामी उच्च न्यायालय के सामने भरी गई।
अर्जुन सिंह की ओर से इस मामले में उच्च न्यायालय में विद्वान अधिवक्ता अजय सिंह सेंगर ने याचिका दायर की थी। जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार, जालौन जिले के डीएम और एसपी, सीडीओ, बीडीओ नदीगांव, अभिमन्यु सिंह उर्फ डिम्पल मेसर्स एकता कंस्ट्रक्शन कंपनी और मेसर्स गायत्री ट्रेडर्स को प्रत्युत्तरदाता बनाया गया था।
इस याचिका पर न्यायमूर्ति दिलीप बी. भोसलें और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने विचार किया। याची के अधिवक्ता अजय सिंह सेंगर ने अपने मुव्वकिल की पैरवी के दौरान अभिमन्यु सिंह की हिस्ट्रीशीट न्यायालय के सामने रखी। जिसमें बताया गया कि उनके खिलाफ 302 और 307 आईपीसी जैसी गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। ऐसे में न्याय हित में उनकी गिरफ्तारी और मेसर्स एकता और मेसर्स गायत्री के भुगतान को रोकने का आग्रह न्यायालय से किया गया।
इसी दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता पीठ के सामने पेश हुए। उन्होंने न्यायालय को भरोसा दिलाया कि उक्त मुकदमें में दो-तीन सप्ताह के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी करने को पुलिस तत्पर है। इसके बाद पीठ ने सुनवाई की तिथि 28 सितम्बर निश्चित करते हुए विवेचक को निर्देशित किया कि अगर आरोपी इस मामले में किसी अदालत में जमानत या अग्रिम जमानत का कोई प्रार्थना पत्र डालते हैं तो संबंधित अदालत को उच्च न्यायालय की इस कार्रवाई से अवगत कराया जाये।

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