उरई। कालपी रोड स्थित गणेश धाम प्रेक्षागृह में जिला स्तरीय शिक्षा संवाद का आयोजन बुधवार को लोक मित्र संस्था रायबरेली के सहयोग से किया गया। जिसमें सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्कूल प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों और शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने परिषदीय शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए गहन मंथन किया।
बैठक मे कहा गया कि विद्यालय प्रबंध समितियां शिक्षा के अधिकार को मूर्त रूप देने में प्रभावी भूमिका अदा करती हैं। उन्हें अपने अधिकारों और दायित्वों का बोध कराया जाना चाहिए। कार्यक्रम में लोक मित्र से आये अमृत लाल ने कहा कि स्कूलों की दशा बेहतर होने से पंजीयन और उपस्थिति बढ़ेगी। युवा स्वाभिमान ट्रस्ट के सचिव अरविंद पहारिया ने कहा कि जिले में सरकारी स्कूलों की दशा बेहद दयनीय है। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं तक का अभाव है। उनकी संस्था द्वारा किये गये सर्वे में सुबूतों के साथ स्थिति को सामने लाया गया है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अरविंद स्वर्णकार ने कहा कि स्कूल प्रबंध समितियां अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से करें सभी के सांझा प्रयासों से बदलाव संभव है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जालौन ब्लाक के अध्यक्ष बृजेश श्रीवास्तव ने अभिभावकों में जागरूकता की कमी को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महासंघ इस मामले में अभिभावकों की आवश्यक मदद करने को तत्पर है।







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