
कोंच-उरई। पालिका बोर्ड की बैठक सोमवार को बिना किसी हो-हल्ले के निपट गई। इसका कारण भी था कि बोर्ड बैठक के एजेंडे में ही कुछ खास नहीं था इसलिये सभासदों द्वारा पेश किये गये नाली, खड़ंजा और जाली लगवाने के छोटे मोटे तकरीबन पचास लाख के प्रस्तावों को बिना किसी हील हुज्जत के पारित कर दिया गया। पालिका बोर्ड का पूरा फोकस पालिका की आय बढाने पर रहा जिसके चलते आने बाले दिनों में कोंच के बाशिंदों को अनचाहे करों के बोझ से दो चार होना पड़ सकता है। हां, एक बात जरूर खास रही कि पिछले माह आयोजित बोर्ड बैठक का लगभग दो तिहाई सभासदों ने बहिष्कार किया था वे सभी सभासद अबकी दफा बोर्ड बैठक का हिस्सा बने रहे।
पालिकाध्यक्षा डॉ. सरिता वर्मा की अध्यक्षता एवं ईओ बुद्घिप्रकाश की मौजूदगी में पालिका बोर्ड की बैठक सोमवार को निपट गई। महिला सभासद सितारा बेगम द्वारा अपने वार्ड में रोड, नाली, इंटरलॉकिंग, जाली आदि के लगभग आठ प्रस्ताव दिये जिन्हें पारित कर दिया गया। अन्य सभासदों द्वारा दिये गये छोटे मोटे निर्माण या मरम्मत कार्यों के भी लगभग पचास लाख के प्रस्तावों को मंजूर कर लिया गया। हालांकि पहले यह सुगबुगाहट जरूर रही कि पालिकाध्यक्षा को वित्तीय अधिकार दिये जाने का प्रस्ताव पटल पर लाया जा सकता है लेकिन परिस्थितियों ने शायद इसकी इजाजत नहीं दी और प्रस्ताव आते आते रह गया। इस बैठक में मुख्य फोकस पालिका की आय बढाने पर रहा। ईओ बुद्घिप्रकाश ने बताया कि कोंच अमृत योजना के लिये चयनित किया गया है जिसमें कई विंदुओं पर नगर विकास की इबारत लिखी जानी है लेकिन इसमें शर्त यह है कि पालिका अपनी आय बढाये ताकि योजनाओं में वह केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा दिये जाने बाले बजट में अपना हिस्सा देने की स्थिति में आ सके। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया कि पालिका की आय बढाने का पूरा खाका तैयार किया जाये। इस दौरान सेनेट्री इंसपेक्टर अभयसिंह, जेई रामवीर सिंह, सभासद महावीर यादव, अनिल पटैरया, विशाल गिरवासिया, अमित यादव, पूजा भदौरिया, दंगलसिंह यादव, पुष्पेन्द्र सरोनिया, अर्चना रजक, सुनीता वर्मा, विमला यादव, विजय बाल्मीकि, शकील मकरानी, धर्मेन्द्र यादव, मनोज गुप्ता, अरविंद खटिक, रविकांत कुशवाहा, सितारा बेगम, नसीम निहारिया, नंदिनी कुशवाहा, मुबारक कुरैशी, प्रियंका सर्राफ, मोहम्मद जाहिद, शमसुद्दीन मंसूरी, वंदना यादव, रुबीना बानो आदि मौजूद रहे।
विकास के लिये वित्तीय अनुशासन जरूरी-ईओ
पालिका के अधिशासी अधिकारी बुद्घिप्रकाश ने कहा है कि यदि पालिका क्षेत्र का विकास करना है तो वित्तीय अनुशासन तो बनाये रखना होगा। उन्होंने कहा कि पालिका की आय बढाने के मायने यह नहीं है कि सिर्फ पालिका को अपनी आय बढाना है, इसका अर्थ है कि आने बाले समय में पालिका को अपनी हिस्सेदारी निभानी होगी तभी शासन से वित्तीय बजट मिल पाना संभव होगा। उन्होंने बताया कि हालांकि पहले अमृत योजना में वही निकाय शामिल हो पाते थे जिनकी आबादी एक लाख से अधिक होती थी लेकिन अब केन्द्र सरकार ने इसमें कुछ संशोधन किये हैं जिनके मुताबिक पचास हजार की आबादी बाले निकाय भी इस योजना में होंगे। कोंच में भी अमृत योजना लागू होने जा रही है जिसमें स्वच्छ पानी, पार्क, सीवेज, ड्रेनेज, तालाब इत्यादि के विकास पर फाकस किया जायेगा और इसमें केन्द्र तथा राज्य सरकार के साथ साथ पालिका को भी अपनी वित्तीय हिस्सेदारी देनी होगी।




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