घरों में पूजी गई दौज महारानी, प्रतिष्ठानों पर शुरू हुये व्यवसायिक कार्य

बहिनों ने भाई के माथे पर तिलक कर उनकी लंबी आयु की कामना की

कोंच-उरई । दीपावली का पांचवां और अंतिम चरण भैया दूज शुक्रवार को पूरे श्रद्घाभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने घरों के दरबाजों पर दौज महारानी की पूजा की, व्यापारिक प्रतिष्ठानों में दौज की पूजा के साथ ही व्यवसायिक कार्य भी प्रारंभ हो गये हैं। बहिनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनकी लंबी आयु की कामना की और भाइयों ने भी बहिनों की रक्षा का वचन दिया।

दीपावली पर्व का आखिरी चरण भैया दूज के रूप में मनाया जाता है, इसके साथ ही दीपावली के त्योहार का अवसान हो गया है। महिलाओं ने घरों के दरबाजों पर गोबर से दौज महारानी बनाईं और घर की अन्य महिला सदस्यों, बहुओं, बेटियों के साथ मिल कर दौज महारानी की पूजा की। पुरुषों के लिये यह पूजा देखना और इसकी कहानी सुनना सख्ती के साथ वर्जित है। बहिनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर उनका मुंह मीठा कराया और उनकी दीर्घायु की कामना की, भाइयों ने भी उन्हें उपहार देकर उनकी रक्षा करने का वचन दिया। इसके अलावा दीपावली पूजन के बाद बंद किये गये प्रतिष्ठान आज खुले और उनमें दौज की पूजा की गई तथा प्रसाद वितरित किया गया। इस पूजा में व्यवसाय कार्य में प्रयुक्त होने बाले उपकरणों की पूजा का विधान है, इसके साथ ही व्यापारिक कार्य प्रारंभ हो गये हैं।

 

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